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Summer Season Mental Health Tips: गर्मियां आते ही अक्सर लोगों में चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है, कई ऐसे लोग होते हैं जिनमें चिड़चिड़ेपन के कारण बहुत गुस्सा भी भी देखा जाता है। चिलचिलाती धूप, उमस और नींद की कमी के कारण लोगों में चिड़चिड़ापन, गुस्सा और तनाव बढ़ने लगता है। आइए मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी से जानते हैं कि ऐसे में लोग अपनी मेंटल हेल्थ का ख्याल किस तरह रखें।
डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी ने बताया कि मनोचिकित्सक होने के नाते, मैं अपने क्लिनिक में अक्सर ऐसे मरीजों को देखता हूं, जो गर्मियों में मानसिक रूप से ज्यादा परेशान महसूस करते हैं। डॉ. त्रिवेदी ने गर्मियों में लोगों में चिड़चिड़ापन बढ़ने के पांच कारण बताए हैं।
गर्मियों में चिड़चिड़ापन के कारण
नींद की कमी
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देर रात तक जागे रहना चिड़चिड़ेपन का कारण बन सकता है।[/caption]
गर्मियों में देर रात तक जागना और पर्याप्त नींद न लेना आम बात है। इससे दिमाग को पूरा आराम नहीं मिलता और मूड स्विंग्स बढ़ जाते हैं।
डिहाइड्रेशन
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गर्मियों में डिहाइड्रेशन से आपका मूड खराब रह सकता है।[/caption]
शरीर में पानी की कमी होने पर मस्तिष्क पर असर पड़ता है, जिससे चिड़चिड़ापन और थकान महसूस होती है।
हीटवेव और थकावट
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गर्मियों में गर्म हवाओं और थकान के चलते भी चिड़चिड़ापन होने लगता है।[/caption]
बहुत ज्यादा गर्मी शरीर पर तनाव डालती है, जिससे कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है।
इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी
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गर्मियों में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से चिड़चिड़ापन और पाचन बिगड़ सकता है। इसलिए शरीर की इलेक्ट्रोलाइट की कमी पूरी करना बहुत जरूरी है।[/caption]
पसीने के जरिए सोडियम और पोटेशियम जैसे जरूरी मिनरल्स कम हो जाते हैं, जिससे मूड पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
आउटडोर एक्टिविटी में कमी
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गर्मियों में आपक अक्सर घर में रहना पसंद करते हैं, जिससे आपका सामाजिक ताल मेल कम होने लगता है, जिससे आप अकेला महसूस करते हैं और आप में चिड़चिड़ापन आने लगता है।[/caption]
गर्मी के कारण लोग बाहर निकलने से बचते हैं, जिससे सामाजिक जुड़ाव कम हो जाता है और अकेलापन महसूस होता है।
डॉ. त्रिवेदी ने साथ ही बताया कि गर्मी से चिड़चिड़ेपन के कारण उनके पास कुछ ऐसे पेशेंट्स भी आते हैं जिनकी शिकायत चिंता और बेचैनी यानी स्ट्रेस और एंजाइटी होती है। साथ ही उन्होंने बताया कि डिप्रेशन के मरीजों में लक्षण और भी ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। बच्चे और बुजुर्गों में भी इरिटेबल बिहेवियर देखा जाता है। कई मरीजों में गर्मियों में नींद की समस्या (Insomnia) की शिकायत बढ़ जाती है।
गर्मियों में चिड़चिड़ेपन से बचाव के उपाय
अब सवाल उठता है कि 3 महीने की चिलचिलाती गर्मी में खुद को शांत कैसे रखें? गर्मी में चिड़चिड़ेपन से बचाव का क्या कोई उपाय है? इस पर डॉ. त्रिवेदी सलाह देते हैं कि गर्मियों में जितना ज्यादा हो सके हाइड्रेटेड रहें, नींद पूरी लें, डाइट में बदलाव करें, एक्सरसाइज करें, आदि। आइए इन उपायों को विस्तार से जानें..
- हाइड्रेटेड रहें: दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं।
- नींद का ध्यान रखें: रात को जल्दी सोने की आदत डालें और 7-8 घंटे की नींद लें।
- डाइट में बदलाव करें: हल्का, ताजा और पौष्टिक आहार लें।
- कूलिंग एक्टिविटीज़: स्विमिंग या ठंडे पानी से नहाना मन को शांत करता है।
- माइंडफुलनेस प्रैक्टिस करें: मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें।
- व्यायाम करें: सुबह या शाम को टहलें या योग करें।
- सोशल कनेक्शन बनाए रखें: परिवार और दोस्तों से बातचीत करें।
विशेषज्ञ के मुताबिक गर्मियों में अपनी मानसिक सेहत का ध्यान रखना उतना ही जरूरी है, जितना शरीर का स्वस्थ रहना है। अगर आपको लगता है कि चिड़चिड़ापन या उदासी लंबे समय तक बनी रहती है, तो मनोचिकित्सक से सलाह लेने में संकोच न करें। आपकी मानसिक शांति आपके हाथ में है, खुद का ख्याल रखें!
आपको बता दें कि डॉ सत्यकांत त्रिवेदी (Dr. Satyakant Trivedi) प्रदेश के जाने माने मनोचिकित्सक हैं और अपने नवाचारों, विचारों के लिए प्रख्यात हैं।
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