दी ओरिएंटल स्कूल में ग्लोबल टीचर्स मीट के छठवें अध्याय का सफल आयोजन

दी ओरिएंटल स्कूल में ग्लोबल टीचर्स मीट के छठवें अध्याय का सफल आयोजन Successful organization of sixth chapter of Global Teachers Meet at The Oriental School vkj

दी ओरिएंटल स्कूल में ग्लोबल टीचर्स मीट के छठवें अध्याय का सफल आयोजन

The Oriental School : हर साल की तरह इस साल भी शिक्षकों के भव्य समागम ग्लोबल टीचर्स मीट का दी ओरिएंटल स्कूल में आयोजन किया गया। कोविड के चलते पिछले दो सालों से जी टी एम का आयोजन आनलाइन किया जा रहा था। इस वर्ष इस आयोजन में भारत के विभिन्न शहरों से लगभग 350 शिक्षक शिक्षिकाएं सम्मिलित हुए। जी टी एम का प्रारंभ 2017 में तीन शिक्षाविदों कला मोहन, डा. राजेश शर्मा एवं फादर‌ मारिया स्टीफन ने मिलकर शिक्षकों को सम्मान दिलाने हेतु किया था।

प्रतिवर्ष इस कार्यक्रम में देश विदेश के सुविख्यात शिक्षाविद् आकर शिक्षकों को विभिन्न समसामयिक शिक्षण विषयों पर सम्बोधित करते हैं। गौरतलब हो कि नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं सीबीएसई के नियमों के तहत एक शिक्षक को प्रति सत्र 50 घंटे की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य है । अतः जी टी एम जैसे कार्यक्रमों का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। ग्लोबल टीचर्स मीट के पहले दिन इस वर्ष दीप प्रज्वलन के पश्चात  चित्रा रवि ने शिक्षको की दो घंटे की कार्यशाला ली। चित्रा क्रिसालिस की संस्थापक एवं निदेशक हैं। उन्होंने रेजीलिएन्स एजुकेटर्स के विषय में चर्चा करते हुए बताया कि इक्कीसवीं सदी के विद्यार्थी को पढ़ाते समय अपने परंपरागत तरीकों को त्याग कर नए तरीक़े अपनाने की आवश्यकता है। द्वितीय वक्ता के रुप में राजस्थान से आईं सपना अग्रवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की, विद्यालय में कार्यान्वयन करने में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर परिचर्चा की । सपना अग्रवाल एक यूट्यूबर भी हैं जो कि समय समय पर शिक्षकों के लिए वीडियो भी अपलोड करतीं रहतीं हैं।

ग्लोबल टीचर्स मीट के मंच पर प्रतिवर्ष संस्कृति विद्यालय अशोक नगर द्वारा अनसंग हीरो का अवार्ड भी प्रदान किया जाता है। यह अवार्ड संस्कृति विद्यालय के संस्थापक साधु सिंह जी की स्मृति में निस्वार्थ रुप से शिक्षण क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे व्यक्तियों को दिया जाता हैं। इस वर्ष यह अवार्ड इंदौर की सुवेशी बड़जात्या को प्रदान किया गया जो कि उन बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहीं हैं जो कि आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं। सुवेशी बड़जात्या चैतन्य इंटरनेशनल स्कूल की संस्थापक भी हैं। कम उम्र में ही वे शिक्षा सेवा जैसे पुण्य कार्य में लगी हूई हैं। इस अवसर पर संस्कृति के निदेशक देवेंद्र सिंह जी एवं प्राचार्या इंदरपाल कौर भी उपस्थित थीं। लगभग ३५० शिक्षकों के लिए सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया जिसमें शिक्षक शिक्षिकाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के विद्यालय निदान के बच्चों द्वारा अद्भुत एवं अद्वितीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।

दूसरे दिन सी बी एस ई के पूर्व डायरेक्टर जी बालासुब्रमण्यम ने ट्रांजीशन से ट्रांसफॉर्मेशन तक अपने विचार प्रस्तुत किये और चोइतराम स्कूल इंदौर के प्रिंसिपल राजेश अवस्थी ने ब्लूम्स टैक्सोंनोमी पर शिक्षकों की समस्या का समाधान किया। कार्यक्रम का समापन शिक्षकों के सम्मान से हुआ।

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