निजी स्‍कूल अनुशासन के नाम पर कर रहे मनमानी: लेट आने पर 300 बच्‍चों को किया बाहर खड़ा, पेरेंट्स का आरोप ले रहे बदला

Jabalpur private school news: जबलपुर के निजी स्कूलों में अनुशासन के नाम पर मनमानी हो रही है। स्‍कूल के समय से पहले ही गेटों पर ताला लगा दिया

निजी स्‍कूल अनुशासन के नाम पर कर रहे मनमानी: लेट आने पर 300 बच्‍चों को किया बाहर खड़ा, पेरेंट्स का आरोप ले रहे बदला

Jabalpur private school news: जबलपुर के निजी स्कूलों में अनुशासन के नाम पर मनमानी हो रही है। स्‍कूल के समय से पहले ही गेटों पर ताला लगा दिया गया है।

से मामला पोलीपाथर स्थित सेंट अलोयसिस स्कूल का है। जहां बुधवार की सुबह महज चंद मिनट लेट आने के कारण स्कूल प्रबंधन ने गेट में ताला लगा दिया।

जिसके कारण सैकड़ों बच्चे करीब आधे घंटे तक बाहर ही खड़े रहे। कुछ बच्चे इस कदर डर गए कि बाहर खड़े-खड़े रोने लगे।

परिजनों को जब जानकारी लगी तो बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचकर जब प्रबंधन से बात की तो उनके द्वारा अनुशासन की बात कही गई।

कुछ अभिभावकों ने स्कूल की कार्रवाई की जब गलत बताया तो कहा गया कि स्कूल से टीसी लीजिए और जाइए।

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स्कूल की प्रिंसिपल पर दर्ज है केस

सेंट अलॉयसियस स्कूल की प्रिंसिपल सोमा जॉर्ज के खिलाफ अवैध फीस वसूली, यूनिफॉर्म और बुक्स की बिक्री के मामले में ग्वारीघाट थाने में केस दर्ज हो गया है।

पहले हुए मामलों में उन्हें जेल भी भेजा गया था। करीब दो महीने बाद अभी कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर बाहर आईं हैं। इधर, कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कहा कि इस तरह किसी भी स्कूल की हठधर्मिता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस तरह मनमानी करेंगे, तो स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए अनुमोदन किया जाएगा। इस तरह का बर्ताव करने वाले स्‍कूल की मान्‍यता रद्द कर दी जाएगी।

पेरेंट्स ने लगाए आरोप

स्कूल के बाहर खड़े सैकड़ों अभिभावकों ने लगाया आरोप जेल की हवा खाने के बाद भी इनमें कोई सुधार नहीं आ रहा है।

ये स्‍कूल वाले बच्‍चों और अभिभावकों पर अपना फ्रस्ट्रेशन निकाल रहे हैं। इन्‍होंने अभी तक निरस्त की गई स्कूल फीस को भी लागू नहीं किया है।

जबलपुर कलेक्‍टर ने लिया था एक्‍शन

इन निजी स्‍कूलों पर अवैध फीस वसूली और कापी-किताबों सहित अन्य मामलों को लेकर जबलपुर कलेक्टर ने इनके खिलाफ कार्रवाई की थी।

पेरेंट्स की मानें तो अब स्कूलों के द्वारा बच्चों और अभिभावकों को प्रताड़ित कर इस कार्रवाई का बदला लिया जा रहा है।

परिजनों का आरोप है कि जब से जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई कर कुछ स्कूल प्रबंधन को जेल भेजा है तब से किसी ना किसी कारण से बच्चों को परेशान किया जा रहा है।

क्‍या है पूरा मामला

स्‍कूल के एक स्‍टूडेंट के पिता ने बताया कि मंगलवार को सेंट अलोयसिस स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में एक नोटिफिकेशन जारी किया कि बुधवार 31 जुलाई से सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर मेन गेट बंद हो जाएगा।

ऐसे में जो भी बच्चे लेट होते है तो उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। आज जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो मेन गेट बंद ना करते हुए कैंपस का वो गेट बंद कर दिया जहां से बच्चे क्लास रूम में जाते है।

जिसके चलते सारे बच्चे ग्राउंड में खड़े हुए है। यहां मैदान में सैकड़ों बच्चे खड़े हुए है और स्कूल प्रबंधन गेट लगाकर अंदर केबिन में बैठा हुआ है।

अगर किसी कारणवश भगदड़ की स्थिति बन गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। स्कूल प्रबंधन ने नोटिफिकेशन में पहले ही बोल चुका है कि 7 बजकर 20 मिनट के बाद बच्चे की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।

इसी के साथ अन्‍य परिजनों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने जो स्कूल फीस तय की है उसके अनुसार फीस नहीं ली जा रही है।

पेरेंट्स जब जिला प्रशासन के आदेश का हवाला देते है तो उनके बच्‍चों पर इसका फ्रस्ट्रेशन निकाला जा रहा है।

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