MP Student Suicide Survey: छात्र आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर अब होगी गहन पड़ताल, उच्च शिक्षा विभाग करेगा सर्वे

छात्र आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर अब उच्च शिक्षा विभाग करेगा सर्वे, नेशनल टास्क फोर्स मानसिक कारणों की पड़ताल करेगी।

MP Student Suicide Survey: छात्र आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर अब होगी गहन पड़ताल, उच्च शिक्षा विभाग करेगा सर्वे

हाइलाइट्स

  • छात्र आत्महत्या पर उच्च शिक्षा विभाग करेगा सर्वे

  • नेशनल टास्क फोर्स करेगी मानसिक कारणों की जांच

  • एआईएसएचई पोर्टल पर महीने के अंत तक रिपोर्ट

MP Student Suicide Survey: मध्यप्रदेश सहित देशभर में छात्रों द्वारा आत्महत्या (Student Suicide) की बढ़ती घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। अब उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने इस पर गंभीर कदम उठाने की शुरुआत कर दी है। विभाग छात्रों के आत्महत्या जैसे कदम उठाने के पीछे के कारणों की पड़ताल करेगा। इसके लिए एक नेशनल टास्क फोर्स (National Task Force) का गठन किया गया है और आयुक्त उच्च शिक्षा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी टास्क फोर्स

छात्र आत्महत्या रोकथाम को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्देश जारी किए थे, जिसके बाद यह टास्क फोर्स गठित की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को प्रभावित करने वाले कारणों का अध्ययन करना है। टास्क फोर्स मनोवैज्ञानिक दबाव, प्रतियोगी परीक्षाओं का तनाव, पारिवारिक माहौल, सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियां और संस्थागत दबाव जैसे कारकों की जांच करेगी।

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महीने के अंत में पोर्टल पर अपलोड करनी होगी जानकारी

पहले चरण में टास्क फोर्स सभी शिक्षण संस्थानों का सर्वे करेगी। साथ ही इसमें विद्यार्थी, अभिभावक, संकाय सदस्य और आम लोगों की राय भी शामिल की जाएगी। इसके लिए ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) पोर्टल पर महीने के अंत तक संबंधित जानकारी अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। विभाग का मानना है कि जमीनी स्तर पर मिली जानकारी से आत्महत्या के मूल कारणों की पहचान कर ठोस समाधान तैयार किया जा सकेगा।

छात्रों को बेहतर माहौल देने की होगी कोशिश

अधिकारियों के मुताबिक, टास्क फोर्स छात्रों की मानसिक सेहत सुधारने के लिए काउंसलिंग सेवाओं और संस्थानों के माहौल पर विशेष फोकस करेगी। छात्रों को मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनाने के लिए सेशन आयोजित होंगे। कक्षाओं में भी यह समझाने पर जोर रहेगा कि कोई भी परिस्थिति स्थायी नहीं होती, बल्कि सकारात्मक सोच और मेहनत से मुश्किलें आसान की जा सकती हैं।

मैनिट जैसे संस्थानों में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए अधिकारियों ने कहा कि कई बार पारिवारिक, आर्थिक और सामाजिक कारणों से भी छात्र सुसाइड जैसे कदम उठा लेते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए छात्रों को बेहतर माहौल देने पर काम किया जाएगा।

MP OBC Reservation Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण पर सुनवाई टली, अब इस तारीख से होगी शुरू

मध्यप्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी 24 सितंबर से रोजाना सुनवाई शुरू होनी थी, लेकिन कार्यवाही टल गई। वजह यह रही कि सामान्य वर्ग की ओर से पक्ष रखने वाले वकीलों ने अदालत से अतिरिक्त समय मांगा है। उनका कहना था कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें मात्र एक दिन पहले ही पंद्रह हजार पन्नों के दस्तावेज सौंपे गए हैं, जिनका गहन अध्ययन किए बिना सुनवाई करना संभव नहीं है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की और कहा कि अदालत पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

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