स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप बोले- अतिथि शिक्षकों को आंदोलन करने की आवश्यकता नहीं, सरकार उनके भविष्य के लिए गंभीर

MP Atithi Shikshak: स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप ने कहा कि अतिथि शिक्षकों को आंदोलन करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार गंभीर है।

Statement of School Education Minister Rao Uday Pratap Singh about mp atithi shikshak hindi news

MP Atithi Shikshak: मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों के आंदोलन को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अतिथि शिक्षकों को आंदोलन करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार अतिथि शिक्षकों की भूमिका और उनके भविष्य को लेकर गंभीर है।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने क्या कहा ?

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि 70-80 हजार अतिथि शिक्षक स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं और स्कूलों का संचालन कर रहे हैं। सरकार ने अतिथि शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में अलग से आरक्षण देने का फैसला किया है, ताकि वे परीक्षा पास कर मुख्य धारा में शामिल हो सकें।

अतिथियों को जबरदस्ती सड़क से हटाया था

भोपाल में 2 अक्टूबर को नियमितिकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अतिथि शिक्षकों को पुलिस ने जबरदस्ती सड़क से हटा दिया। दोपहर में बैरिकेडिंग करके प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने आगे नहीं बढ़ने दिया था। इसके बाद वे सड़क पर ही बैठ गए थे। रात 8 बजे तक वे सड़क पर बैठे रहे। इसके बाद पुलिस ने जबरन उन्हें सड़क से हटाया।

पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप

सड़क से उठाने के बाद प्रदर्शनकारी अतिथि शिक्षक कांग्रेस कार्यालय की ओर चले गए थे। अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष केसी पवार ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया था। इसमें कई महिला शिक्षकों को भी चोट लगी थी।

अतिथियों पर गोली चलाने की दी थी चेतावनी

ATITHIअतिथि शिक्षक सीएम हाउस की ओर जाने के लिए अड़े थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर अतिथियों को रोक दिया था। पुलिस ने एक बैनर खोलकर कारगार गोली चलाने की चेतावनी दी थी। हालांकि इसे लेकर सियासी पारा चढ़ता उससे पहले ही पुलिस ने गोली चलाने वाली लाइन को मोड़कर स्टेपल कर दिया था।

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आमरण अनशन की दी थी चेतावनी

PROTEST2 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान अतिथि शिक्षकों ने आमरण अनशन की चेतावनी दी थी। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। केसी पवार ने अतिथियों को संबोधित करते हुए कहा था कि यदि सरकार शाम 5-6 बजे तक अपना रूख स्पष्ट नहीं करती है तो अतिथि भोपाल की सड़कों पर आमरण अनशन करेगा। तेज धूप और उमस से कई शिक्षकों की तबीयत बिगड़ गई थी।

मंत्री-अफसर से मिलने नहीं जाएगा डेलीगेशन

अतिथि शिक्षक संगठनों (MP Atithi Shikshak) ने स्पष्ट कर दिया था कि इस बार महापंचायत में हुई घोषणाओं पर ही बात होगी और अतिथियों का कोई भी डेलीगेशन सीएम को छोड़कर किसी मंत्री या अफसर से मिलने नहीं जाएगा।

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