दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट की बीच समुद्र में सफल लैंडिंग: Elon Musk के Starship का पांचवां टेस्ट हुआ कामयाब

Starship Spacex Trail: दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट की बीच समुद्र में सफल लैंडिंग: Elon Musk के Starship का पांचवां टेस्ट कामयाब

दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट की बीच समुद्र में सफल लैंडिंग: Elon Musk के Starship का पांचवां टेस्ट हुआ कामयाब

Spacex Starship Trail: दुनिया के सबसे  पॉवरफुल रॉकेट स्टारशिप (Starship) का पांचवां टेस्ट भी सफल रहा। इस परीक्षण में, 96 किमी ऊपर भेजे गए सुपर हैवी बूस्टर को लॉन्चपैड (Starship Back In Launchpad) पर वापस लाया गया। इस लॉन्चपैड का नाम मैकेजिला है जिसमें दो मेटल आर्म्स लगे हुए हैं। इन्हीं आर्म्स  ने रॉकेट को कैच किया है। स्टारशिप पृथ्वी के वायुमंडल में री-एंट्री कराने के बाद हिंद महासागर में शिप पर लगे टॉवर पर नियंत्रित कर सफल लैंडिंग कराई गई।

https://twitter.com/BansalNewsMPCG/status/1845524247550017725

26000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हुआ था एंटर

रॉकेट (Starship) पृथ्वी के वातावरण में लौट रहा था तब उसकी रफ्तार 26,000 किमी/घंटा और तापमान 1,430°C था। यह परीक्षण स्टारशिप की क्षमताओं को प्रदर्शित करता है और भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है। एलन मस्क (Elon Musk) ने इसके सफल परीक्षण का वीडियो भी शेयर किया है जिसमें स्पेश से स्टारशिप समुद्र में मौजूद शिप पर बने टॉवर पर सफलता पूर्वक लैंड होते दिखाई दे रहा है। टॉवर के दोनों आर्म्स रॉकेट को जकड़ लेते हैं जिससे रॉकेट टॉवर पर लैंड हो जाता है।

https://twitter.com/SpaceX/status/1845507539053826155

स्पेस इंजीनियरिंग की इतिहास की किताबों दर्ज ये पल

स्पेसएक्स के इंजीनियर ने लाइव कमेंट्री में कहा कि यह दिन इंजीनियरिंग इतिहास की किताबों में दर्ज होगा। स्पेसएक्स के कर्मचारी सफलता से उत्साहित होकर जोरों से चिल्ला रहे थे और नारे लगा रहे थे। स्पेसएक्स (Starlink) के प्रवक्ता ने कहा कि यह दृश्य जादू जैसा लग रहा था, जो स्पेसएक्स की तकनीकी उपलब्धि की गवाही दे रहा था।

https://twitter.com/SpaceX/status/1845453305344033254

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जहां से हुई लॉन्चिंग वापस वहीं लौटा रॉकेट
स्पेसएक्स ने सफल लैंडिंग के लिए बूस्टर और प्रक्षेपण टॉवर दोनों को अच्छी और स्थिर स्थिति में होना चाहिए। नहीं तो इसका नतीजा पिछले प्रक्षेपण की तरह ही होता। इस प्रक्षेपण के दौरान अंतरिक्ष में गए सुपर हेवी बूस्टर को प्रक्षेपण स्थल पर वापस लाकर टॉवर पर उतारा गया।
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