SSC Exam Controversy: गलत सवाल पर छात्रों को दिए जाएंगे पैसे, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और टीचर्स के बीच बनी सहमति!

दिल्ली में SSC अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन के बाद कोचिंग टीचर्स ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। बैठक में गलत प्रश्न के लिए ₹100 प्रति प्रश्न रिफंड की घोषणा की गई।

SSC Exam Controversy: गलत सवाल पर छात्रों को दिए जाएंगे पैसे, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और टीचर्स के बीच बनी सहमति!

SSC Exam Controversy: हाल ही में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए अभ्यर्थियों ने SSC परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया था। अभ्यर्थियों के समर्थन में कई कोचिंग संस्थानों के शिक्षक भी मैदान में उतरे और सभी कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पारदर्शिता व सुधार की मांग को लेकर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) के कार्यालय के बाहर जुटे।

अब इस मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। सोमवार शाम, कुछ प्रमुख कोचिंग सेंटर्स के टीचर्स ने केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और SSC अध्यक्ष गोपालकृष्णन से मुलाकात की। इस बैठक में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी खामियों और छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ शिक्षकों की बैठक

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) से जुड़ी परीक्षाओं में अनियमितताओं और तकनीकी खामियों को लेकर शिक्षकों ने केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री ने शिक्षकों की बात मान ली है।

बैठक के दौरान शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने आश्वासन दिया कि अगर परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्नों में गलती पाई जाती है, तो प्रत्येक गलत प्रश्न पर छात्रों को ₹100 की राशि लौटाई जाएगी। अब अगर उत्तर सही हुआ तो उसका पूरा पैसा वापस मिलेगा।
साथ ही, CPU आधारित परीक्षाओं के परिणाम एक सप्ताह के भीतर घोषित करने की बात भी तय हुई है।

लागू होगा स्लाइडिंग रैंक सिस्टम

मंत्री ने यह भी कहा कि वेटिंग लिस्ट की जगह अब 'स्लाइडिंग रैंक सिस्टम' लागू किया जाएगा, जिससे अधिक पारदर्शिता आएगी। वहीं, SSC CGL परीक्षा 13 अगस्त से पहले घोषित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी, इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

कई बदलावों पर बनी सहमति

शिक्षकों ने बताया कि SSC परीक्षा में बैठे लगभग 5 लाख छात्रों में से 55 हजार अभ्यर्थी सीधे तौर पर तकनीकी खामियों से प्रभावित हुए हैं, जिनकी सूची तैयार की जा रही है। बैठक के अंत में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी शिक्षकों की होनी चाहिए, न कि परीक्षा प्रणाली के विक्रेताओं की चिंता करने की।”

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SSC फेज-13 परीक्षा में सामने आईं कई गंभीर खामियां

SSC (कर्मचारी चयन आयोग) पहले सिर्फ ग्रुप B (नॉन-गैजेटेड) और ग्रुप C (नॉन-टेक्निकल) पदों की परीक्षाएं आयोजित करता था। लेकिन अब आयोग की जिम्मेदारी बढ़ गई है, और इसमें ग्रुप B (गैजेटेड) पदों जैसे असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर और असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर की परीक्षाएं भी शामिल हो गई हैं।

बीते कई वर्षों से इन परीक्षाओं का आयोजन टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) द्वारा किया जा रहा था, जो एक भरोसेमंद संस्था रही है। हालांकि, हाल ही में परीक्षा प्रणाली को सेंट्रलाइज्ड एग्जाम सिस्टम के तहत लाया गया है। छात्रों का कहना है कि सरकार ने भले ही नया सिस्टम लागू कर दिया हो, लेकिन इसके साथ कई तकनीकी और प्रशासनिक खामियां भी सामने आई हैं, जो परीक्षार्थियों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं।

परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों ने उठाए गंभीर सवाल

कई कैंडिडेट्स ने SSC फेज-13 परीक्षा को लेकर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परीक्षा केंद्र इतने दूर तय किए गए कि उम्मीदवारों को परीक्षा से एक-दो दिन पहले ही वहां पहुंचना पड़ा। लेकिन जब छात्र परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे, तो कई जगह आखिरी समय पर परीक्षा रद्द कर दी गई, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।

तकनीकी खामियों ने भी परीक्षा में बड़ी बाधा उत्पन्न की। 24 जुलाई को आयोजित हुई SSC फेज-13 परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर कंप्यूटर सिस्टम बार-बार हैंग हो गए, जिससे छात्रों का कीमती समय बर्बाद हुआ। कई परीक्षार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सेंटरों पर शिक्षक मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे थे, जो कि परीक्षा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

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