Sputnik Light: अब सिंगल डोज में खत्म होगा कोरोना, रूस ने स्पुतनिक लाइट को दी मंजूरी, जानिए क्या है इसकी खासियत

Sputnik Light: अब सिंगल डोज में खत्म होगा कोरोना, रूस ने स्पुतनिक लाइट को दी मंजूरी, जानिए क्या है इसकी खासियत

Sputnik Light

नई दिल्ली। भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने कोहराम मचाया हुआ है। लोग अस्पताल और बेड के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। देश में रोजाना लगभग 4 लाख से अधिक नए मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसें में विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर वैक्सीनेशन को तेज किया जाए तो हम इस स्थिति से निपट सकते हैं। अब इस कड़ी में एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल रूस ने कोरोना की सिंगल डोज वैक्सीन बनाने में कामयाबी हासिल कर ली है। इस वैक्सीन का नाम है स्पुतनिक लाइट और यह 79.4% असरदार है।

स्पुनिक फैमिली की है वैक्सीन

बतादें कि इस वक्त दुनिया के करीब 60 देशों में स्पुनिक फैमिली के वैक्सीन इस्तेमाल किए जा रहे हैं। भारत में भी स्पुतनिक V को मंजूरी दे दी गई है। 1 मई को इसकी पहली खेप भारत आ भी चुकी है। ऐसे में उम्मीद है कि जल्द ही देश में नई सिंगल डोज वैक्सीन स्पुतलनिक लाइट भी आ सकती है। इस वैक्सीन को मॉस्को के गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने बनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस वैक्सीन की कीमत करीब 10 डॉलर रखी गई है। यानी भारत में इसे 730 रूपये में खरीदा जा सकता है।

नए स्ट्रेन पर भी असरदार

स्पुतनिक लाइट वायरस के सभी नए स्ट्रेन पर असरदार है। साथ ही यह कई दूसरी डबल डोज वैक्सीन से ज्यादा असरदार है। मालूम हो कि इस वैक्सीन के फेज-3 ट्रायल में 7 हजार लोगों को शामिल किया गया था। ट्रायल को तीन देशों रूस, घाना और UAE में किया गया है।

स्पुतनिक लाइट के एडवांटेज

स्पुतनिक लाइट की अगर क्षमता की बात करें तो इसकी ओवरऑल एफिकेसी 79.4% है। साथ ही इस वैक्सीन से 10 दिन बाद ही एंटीबॉडी तैयार हो जाती है। वहीं इसके सिंगल डोज होने के कारण बड़ी आबादी वाले देशों जैसे भारत में तेजी से वैक्सीनेशन रेट को बढ़ाया जा सकता है। वहीं इस वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री टेम्प्रेचर पर स्टोर किया जा सकता है। यानी इसे आसानी से ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है।

देश में तीन वैक्सीन को दी गई है मंजूरी

बतादें कि इस वक्त देश में तीन वैक्सीन को मंजूरी दी गई है। जिसमें से दो स्वदेशी, कोवैक्सिन और कोवीशील्ड। जबकि एक रूस की वैक्सीन स्पुतनिक V को मंजूरी दी गई है। स्पूतनिक V दोनो स्वदेशी वैक्सीन से अलग है। इसे एक की बजाय दो वायरस से बनाया गया है। इसके दोनों डोज अलग-अलग होते हैं। वहीं दोनों स्वदेशी वैक्सीन के दोनों डोज एक ही तरह के होते हैं। इसमें कोई अंतर नहीं होता।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password