हल्के तेलों की मांग बढ़ने से सोयाबीन, बिनौला तेल में मजबूती, विदेशों में भाव मामूली ऊंचे

नयी दिल्ली, 29 दिसंबर (भाषा) सर्दियों में हल्के तेलों की मांग जारी रहने से स्थानीय तेल- तिलहन बाजार में मंगलवार को सोयाबीन, बिनौला और सरसों में मजबूती बरकरार रही। वहीं विदेशों में कच्चा पॉम तेल और सोयाबीन डीगम मामूली ऊंचा रहने से यहां भी भाव टिके रहे।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सर्दियों में देशी हल्के तेलों की मांग बनी हुई है। पामोलिन भारी तेल है जो कि अधिक सर्दी में जम जाता है। इसलिये सरसों, बिनौला, सोयाबीन और मूंगफली की मांग बनी हुई है। यही वजह है कि सरसों तेल दादरी मिल डिलीवरी भाव 12,250 रुपये क्विंटल पर टिका रहा। बिनौला मिल डिलीवरी हरियाणा का भाव 10,650 रुपये और मूंगफली मिली डिलीवरी गुजरात 13,600 रुपये क्विंटल पर पूर्ववत बोला गया।

मलेशिया और शिकागो में पॉम तेल और सोयाबीन डीगम का वायदा भाव मामूली ऊंचा बोला गया। यही वजह रही कि यहां भी सोयाबी मिल डिलीवरी दिल्ली का भाव 100 रुपये बढ़कर 12,550 रुपये क्विंटल और सोयाबी तेल डीगम (कांडला) का भाव 150 रुपये ऊंचा रहकर 11,500 रुपये क्विंटल पर पहुंच गया। कच्चा पॉम तेल एक्स कांडला भाव मामूली 10 रुपये बढ़कर 9,710 रुपये रहा।

सरसों 42 प्रतिशत कंडीशन का थोक भाव 6,180- 6,230 रुपये क्विंटल और मूंगफली तिलहन 5,435- 5,500 रुपये क्विंटल पर पूर्ववत रही।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन – 6,180 – 6,230 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना – 5,435- 5,500 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,600 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,130 – 2,190 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 12,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,880 -2,030 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,000 – 2,115 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 11,100 – 15,100 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,550 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,200 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,500 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 9,710 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,650 रुपये।

पामोलीन आरबीडी, दिल्ली- 11,250 रुपये।

पामोलीन कांडला- 10,400 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,450 – 4,475, लूज में 4,400- 4,460 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) – 3,525 रुपये।

भाषा राजेश

महाबीर

महाबीर

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