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नई दिल्ली। (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि उन बच्चों को नवोदय विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा देने के बारे में विचार किया जाए जिन्होंने कोरोना महामारी के कारण अपने माता-पिता या फिर इनमें से ऐसे किसी एक को खो दिया है जो घर की जीविका चलाता रहा हो। उन्होंने प्रधानमंत्री पत्र लिखकर यह भी कहा कि इन बच्चों को बेहतर भविष्य की उम्मीद देना राष्ट्र के तौर पर सबकी जिम्मेदारी है।
देश में अभी 661 नवोदय विद्यालय चल रहे
सोनिया ने कहा, ‘‘कोरोना महामारी की भयावह स्थिति के बीच कई बच्चों का अपने माता-पिता में से किसी एक या फिर दोनों को खोने की खबरें आ रही हैं जो तकलीफदेह हैं। ये बच्चे सदमे में हैं और इनकी सतत शिक्षा और भविष्य के लिए कोई मदद उपलब्ध नहीं है।’’ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री और अपने पति राजीव गांधी के कार्यकाल शुरू किए गए नवोदय विद्यालयों का उल्लेख किया और कहा कि इस समय देश में 661 नवोदय विद्यालय चल रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि उन बच्चों को इन नवोदय विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा प्रदान करने के बारे में विचार किया जाए जिन्होंने कोविड के कारण अपने माता-पिता या फिर इनमें से घर की जीविका चलाने वाले व्यक्ति को खो दिया है।
कोरोना के सदमे बच्चे ज्यादा प्रभावित
सोनिया ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि एक राष्ट्र के तौर पर हमारी यह जिम्मेदारी बनती है कि हम अकल्पनीय त्रासदी से गुजरने के बाद इन बच्चों को अच्छे भविष्य की उम्मीद दें।’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार को सोनिया गांधी द्वारा दिए गए सुझावों को सुनना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कोरोना के सदमे से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालों में बच्चे भी शामिल हैं। कई बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने इन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने और नवोदय विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिया है।
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