यहां लगती है सांपों की अदालत, काटने का कारण बताते हैं नागदेव



यहां लगती है सांपों की अदालत, काटने का कारण बताते हैं नागदेव

सीहोर: हमारा देश भले आज चांद और मंगल ग्रह तक पहुंच चुका हो, लेकिन परंपरा और अंधविश्वास की बेड़ियों से मुक्त नहीं हो पाया है। अस्था और अंधविश्वस का ऐसा ही खेल सीहोर के लसूड़िया गांव में देखने को मिला। जहां सर्पदंश का शिकार लोग अच्छे स्वास्थ्य की कामना लेकर नागों की अदालत में पहुंचे। नागों की ये अदालत पिछले 300 सालों से यहां लग रही है और आप माने या ना माने यहां पेशी पर नाग देवता खुद मानव शरीर में प्रवेश कर डसने का कारण बताते हैं। यहां पहुंचे लोगों का तो कुछ ऐसा ही मानना है।

ये जगह राजधानी भोपाल के सीहोर जिले से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर है। दीवाली के दूसरे दिन पड़वा पर ऐसा नजारा हर साल देखने को मिलता है। यहां के राम मंदिर में सांपों की अदालत लगती है। इस बार यहां सर्प दंश का शिकार लोग पहुंचे हैं। ये लोग सांपों के काटने का कारण जानेंगे और ऐसी घटना दोबारा ना हो इसके लिए सांपों से वचन भी लिया जाएगा।

अब आप इनके इस विश्वास को आस्था कहे या अन्धविश्वास इससे इनको कोई फर्क नही पड़ता है और ये आस्था या अंधविश्वास की प्रथा 100 सालों से चली आ रही है। ग्राम के नन्दगिरी महाराज की माने तो यहां होने वाली सांपों की पेशी हमारी तीन पीड़ी करती आ रही है। सांप की आत्मा सर्प दंश से पीड़ित व्यक्ति के शरीर मे आकर काटने का कारण बताता है सांपों की पेशी में आने का कार्यक्रम सुबह से शुरू होकर शाम तक चलाता है। कांडी और भरनी की धुन पर लहराने लगने हैं लोग पिछले एक साल में सांप के काटने से पीडि़त लोग अपनी परेशानी लेकर मंदिर पहुंचते है।

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