smallpox outbreak : 300 साल पहले भी फैली थी कोरोना जैसी महामारी, इसे खत्म होने में लग गए थे पूरे 280 साल

smallpox outbreak

नई दिल्ली। कोरोना ने पूरी दुनिया को परेशान कर रखा है। अब तक इस महामारी से करोड़ों लोगों की जान जा चुकी है। भारत में इसकी दूसरी लहर ने कोहराम मचाया हुआ है। लेकिन क्या कोरोना दुनिया की पहली ऐसी महामारी है जिससे मानव जाति को खतरा है? इसका जवाब है नहीं। इससे पहले भी इंसानों ने पृथ्वी पर भयावह महामारी का सामना किया है। बोस्टन के लाइब्रेरी एंड आर्काइव्स द्वारा जारी किए गए नए डिजीटल रिकॉर्ड से पता चला है कि 1700 के दशक में चेचक कोरोना की तरह ही एक विनाशकारी महामारी थी। जिसने हजारों लोगों की जान ले ली थी।

इसकी समानता को देखकर वैज्ञानिक हैं हैरान

17 वीं शताब्दी में अमेरिका के तटों से दूर के इलाकों में यह भयावह महामारी फैली थी। तीन सदी पहले फैली महामारी और आज कोरोना वायरस के प्रकोप में समानता देखकर वैज्ञानिक भी हैरान हैं। हैरानी की बात यह है कि दुनिया से इस महामारी को खत्म होने में करीब 280 साल लग गए थे। इस महामारी से तीन सदी में लाखों लोगों ने दम तोड़ा था।

महामारी को खत्म होने में 280 साल लग गए थे

रोग नियंत्रण और रोकथाम के लिए काम करने वाले US केंद्र का कहना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में चेचक का अंतिम प्राकृत प्रकोप साल 1949 में आया था। 1980 में, WHO ने इसे महामारी की सूची से हटाने की घोषणा की थी। तब तक इस महामारी को खत्म होने में पूरे 280 साल लग गए थे। इन 280 सालों में सबसे ज्यादा अमेरिकियों की मौत हुई थी।

तब तेजी से नहीं फैल पाई थी महामारी

मालूम हो कि 17 वीं सदी तक चेचक महामारी के खिलाफ कोई टीका नहीं था। ऐसे में चेचक ने अमेरिका के अलावा बाकी दुनिया को भी धीरे-धीरे अपनी चपेट में ले लिया था। हालांकि उस समय के हिलाज से अच्छी बात यह थी कि एक देश से दूसरे देश में हवाई यात्रा की कोई सुविधा नहीं थी।, इस वजह से बीमारी ने एक जगह से दूसरे जगह जाने में समय लिया। लेकिन जहां भी ये फैला, लोग भारी संख्या में मारे गए थे। पहली बार चेचक की वैक्सीन 1897 में बनाई गई थी। तब इसका पहला ट्रायल 4 साल के एक बच्चे पर किया गया था।

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