Sirisha Bandla: नासा का था सपना तो आंखों ने छोड़ा साथ, अब इस कंपनी के साथ स्पेस में जाकर रच डाला इतिहास

Sirisha Bandla

नई दिल्ली। रविवार को 34 वर्षीय एरोनॉटिकल इंजीनियर शिरिषा बांदला (Sirisha Bandla) अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाली भारतीय मूल की तीसरी महिला बन गयीं हैं। जबकि भारत के दृष्टकोण से देखा जाए तो स्कवाड्रन लीडर राकेश शर्मा, कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के बाद शिरीषा बांदला अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाली चौथी भारतीय हैं।

शिरिषा ने सफल उड़ान भरी

शिरिषा ने अमेरिका के न्यू मैक्सिको प्रांत से ब्रिटिश अरबपति रिचर्ड ब्रैनसन (Richard Branson) के साथ ‘वर्जिन गैलेक्टिक’ की अंतरिक्ष के लिए पहली पूर्ण चालक दल वाली सफल परीक्षण उड़ान भरी। वर्जिन गैलेक्टिक के वीएसएस यूनिटी (VSS Unity) नामक अंतरिक्ष यान ने स्पेसपोर्ट अमेरिका प्रक्षेपण केन्द्र से न्यू मैक्सिको के ऊपर करीब 1.5 घंटे के मिशन के लिए उड़ान भरी। खराब मौसम होने के कारण इस उड़ान में 90 मिनट की देरी भी हुई। न्यू मैक्सिको से अंतरिक्ष की यात्रा करने के लिए बांदला वर्जिन गैलेक्टिक के अंतरिक्ष यान टू यूनिटी में ब्रैनसन और चार अन्य लोगों के साथ रवाना हुईं।

आंध्र प्रदेश में जन्मी

शिरिषा का जन्म आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में हुआ था। लेकिन जब वे चार साल की थी तब से ही अमेरिका में रह रही हैं। 2011 में पर्ड्यू यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एरोनॉटिक्स एंड एस्ट्रोनॉटिक्स से उन्होंने विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद 2015 में उन्होंने जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डिग्री हालिल की।

कमजोर आंखों के कारण NASA में नहीं जा पाईं

बतादें कि शिरिषा बांदला शुरू से ही यूएस नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) के लिए एक अंतरिक्ष यात्री बनना चाहती थीं। लेकिन, आंखों की कमजोर रोशनी के कारण वह ऐसा नहीं कर सकीं। हालांकि जब वह पर्ड्यू विश्वविद्यालय में पढ़ रही थीं, तो एक प्रोफेसर ने उन्हें वाणिज्यिक अंतरिक्ष उड़ानों के क्षेत्र में एक अवसर के बारे में बताया। इसके बाद वह ‘वर्जिन गैलेक्टिक’ (Virgin Galactic) से जुड़ीं।

शिरिषा ने कहा था वह पूरे भारत के साथ स्पेस में जा रही हैं

शिरिषा बांदला के साथ इस उड़ान में पांच और लोग करीब 53 मील की ऊंचाई (88 किलोमीटर) पर अंतरिक्ष के छोर पर पहुंचे। वहां तीन से चार मिनट तक भारहीनता महसूस करने और धरती का नजारा देखने के बाद वापस लौट आए। इन 6 लोगों में दो पायलट और चार पैसेंजर शामिल थे। मीडिया रिपोट्स की माने तो बांदला ने हाल में एक बातचीत में कहा था कि उन्हें ऐसा लगता है कि वह पूरे भारत को अपने साथ लेकर स्पेस में जा रही हैं और रविवार 11 जुलाई को वो अंतरिक्ष में पहुंचने में कामयाब भी रही।

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