MP Singrauli Prayagraj Highway: हाईवे की राह में आए अवैध घरों पर चलेगा बुलडोजर, जियो टैगिंग से किए जा रहे चिन्हित

MP Singrauli Prayagraj Highway: हाईवे की राह में आए अवैध घरों पर चलेगा बुलडोजर, जियो टैगिंग से किए जा रहे चिन्हित

MP Singrauli Prayagraj Highway: हाईवे की राह में आए अवैध घरों पर चलेगा बुलडोजर, जियो टैगिंग से किए जा रहे चिन्हित

हाइलाइट्स

  • बताने के बाद भी लोगों ने बनाए अवैध घर
  • अवैध मकानों की अलग बनाई जा रही लिस्ट
  • हाईवे की राह में आए अवैध घरों पर चलेगा बुलडोजर

MP Singrauli Prayagraj Highway: मध्यप्रदेश के सिंगरौली-प्रयागराज नेशनल हाईवे के लिए चिन्हित की गई जमीन पर मुआवजे के लिए बने घर अपात्र घोषित कर दिए गए हैं।

आपको बता दें कि ये घर चितरंगी और दुधमनिया के गांवों में हैं। अब इसे लेकर प्रशासन गणना करने में जुटा है। अधिसूचना जारी होने के बाद बने घरों की तस्वीर 2 से 3 दिन में सामने आ जाएगी। इसके बाद सभी को नोटिस दिया जाएगा। यदि फिर भी हाईवे की राह में आड़े आ रहे घर नहीं हटे तो फिर ये गिराए जाएंगे।

बताने के बाद भी लोगों ने बनाए अवैध घर

सिंगरौली कलेक्टर के मुताबिक कई जगहों पर मुआवजा लेने के लिए लोगों ने अवैध रूप से घर बना रखे हैं। मार्चा से मई तक पोस्टक, बैनर, मुनादी कि जरिए लोगों को ये बताया गया था कि सर्वे होने के बाद घर न बनाएं, लेकिन फिर भी लोगों ने घर बना लिए हैं।

अवैध मकानों की अलग बनाई जा रही लिस्ट

इन सभी घरों का सर्वे कराया गया है। साथ ही राजस्व अफसरों को कहा गया है कि जगह को चिन्हित करते हुए लिस्ट तैयार की जाए और पूरा ब्योरा सर्वे रिपोर्ट में लिया जाए।

बता दें कि अधिसूचना के बाद बने मकानों की सूची अलग की जा रही है, जिन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया है।

कलेक्टर के मुताबिक, जिन लोगों ने अवैध तरीके से मकानों को बनाया है, उन्हें मुआवजा नहीं मिलेगा। अवैध मकान वालों को पहले नोटिस देंगे, यदि फिर भी नहीं हटे तो घर गिरा देंगे। नेशनल हाईवे अर्थारिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और जिला प्रशासन के पास तमाम आपत्तियां आई हैं, जिनकी जांच की जा रही है। जांच के बाद सभी अपात्रों को अलग कर दिया जाएगा।

इसलिए निर्माण नहीं रोके निर्माण

गांवों में बन रहे अवैध मकानों को बनने से रोकने की जिम्मेदारी किसकी है इस पर कलेक्टर ने कहा कि नियम के अनुसार अधिसूचना जारी होने के बाद जमीन को खरीदने और बेचने के साथ नामांतरण पर रोक रहती है।

ऐसे में यदि ग्रामीण जमीन पर निर्माण कर रहे हैं तो उन्हें प्रशासन नहीं रोक सकता, मुआवजा मिलने तक जमीन ग्रामीणों की ही है।

इन्हें मिलेगा मुआवजा

जिन ग्रामीणों ने अधिसूचना जारी होने के बाद निर्माण किया है, उन्हें मुआवजा मिलेगा या नहीं ये तो तय नहीं है, लेकिन अफसरों का कहना है कि जिन लोगों के मकान अधिसूचना जारी होने से पहले बने हुए हैं, उन्हें मुआवजा मिलेगा और जिन लोगों ने बाद में निर्माण किया है वह अवैध है। उन्हें मुआवजा नहीं मिलेगा। जमीन का पैसा किसान को दिया जाएगा।

तैयार की जा रही बाद में बनाए गए घरों की लिस्ट

अधिसूचना जारी होने के बाद अवैध तरीके से किए गए निर्माणों की शिकायत के बाद प्रशासन ने जियो टैगिंग के जरिए सभी के फोटो लिए है।

साथ ही पंचनामा बनाकर पूरी डिटेल्स भरी गई है। ऐसे तमाम घरों को अपात्र कर दिया गया है, जिनका बाद में निर्माण हुआ है।

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