कोविड-19 टीके का एकल डोज चूहों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर सकता है : अध्ययन

नयी दिल्ली, 11 जनवरी (भाषा) वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि सामान्य तापमान पर भंडारण की क्षमता वाले कोविड-19 टीके का एक डोज चूहों में कोरोना वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा कर सकता है।

‘एसीएस सेंट्रल साइंस’ पत्रिका में इस टीके का जिक्र किया गया है जिसमें बेहद सूक्ष्म कण कोरोना वायरस के प्रोटीन से लैस होते हैं जो चूहों की कोशिकाओं में प्रवेश करते हैं।

अमेरिका में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में हुए अध्ययन के सह-लेखक पीटर किम ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य एकल डोज वाला टीका बनाना है जिसमें भंडारण या परिवहन के लिए शीत श्रृंखला की जरूरत नहीं होती है। अगर हम इसे ठीक से करने में सफल रहते हैं तो यह सस्ता भी होना चाहिए।’’

किम ने कहा, ‘‘हमारा टीका निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों की आबादी के लिए होगा।’’

शोधकर्ताओं के मुताबिक जो टीके वायरस आधारित होते हैं जिसमें रोग प्रतिरोधक प्रोटीन के लिए वायरसों का इस्तेमाल किया जाता है वे अकसर उन टीकों से ज्यादा प्रभावी होते हैं जिनमें वायरस के पृथक प्रोटीन हिस्से का इस्तेमाल किया जाता है।

उन्होंने कहा कि अति सूक्ष्म कण वाले टीके वायरस आधारित टीकों के प्रभाव को सुरक्षा और प्रोटीन टीके के आसानी से उत्पादन के साथ संतुलन बनाए रहते हैं।

अपने शोध के निष्कर्षों के आधार पर स्टैनफोर्ड के वैज्ञानिकों ने कहा कि उनका नैनोपार्टिकल टीका केवल एक डोज के बाद कोविड-19 के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर सकता है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि टीके को सामान्य तापमान पर भंडारित भी किया जा सकता है और वे पता लगा रहे हैं कि क्या पाउडर के रूप में तथा कम तापमान में रखने के बाद इसे निकालकर क्या इसका भंडारण एवं परिवहन किया जा सकता है।

प्रमुख शोधकर्ता अबिगैल पावेल ने कहा, ‘‘वास्तव में यह शुरुआती चरण में है और अब भी काफी काम किया जाना है।’’

भाषा नीरज नीरज नरेश

नरेश

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