Signal App vs Whatsapp: ऐसा क्या है सिग्नल ऐप में, जो लोग व्हाट्सएप को छोड़ इसे यूज करने की सलाह दे रहे हैं

Signal App vs Whatsapp: ऐसा क्या है सिग्नल ऐप में, जो लोग व्हाट्सएप को छोड़ इसे यूज करने की सलाह दे रहे हैंsignal app vs whatsapp: What is this in the Signal app, people who are advising to use it except WhatsApp

Signal App vs Whatsapp: ऐसा क्या है सिग्नल ऐप में, जो लोग व्हाट्सएप को छोड़ इसे यूज करने की सलाह दे रहे हैं

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नई दिल्ली। व्हाट्सएप (WhatsApp) की नई प्राइवेसी पॉलिसी आने के बाद लोग सोच में पड़ गए हैं। उन्हें लग रहा है कि व्हाट्सएप अब कहीं उनका डाटा दूसरों के साथ शेयर ना कर दे। यही कारण है कि लोग अब दूसरे ऐप की भी तलाश में जूट गए हैं। इसी कड़ी में दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) ने लोगों को 'सिग्नल एप' (signal app) इस्तेमाल करने की सलाह दी है। आज हम आपको इसी ऐप के बारे में बताएंगे कि आखिर इसमें ऐसा क्या है कि लोग व्हाट्सएप को छोड़ इसे इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं।

व्हाट्सएप को क्यों छोड़ रहे हैं लोग
दरअसल, फेसबुक (Facebook) की स्वामित्व वाली मैसेजिंग कंपनी व्हाट्सएप ने अपने प्राइवेस पॉलिसी को अपडेट किया है। इसे मानने के लिए उन्होंने एक शर्त भी रख दी है। अगर कोई यूजर 8 फरवरी तक नए पॉलिसी की शर्तों को नहीं मानता तो उसके अकाउंट को सस्पेंड कर दिया जाएगा। ऐसे में लोग निराश होकर दूसरे मैसेजिंग ऐप (Messaging app) की तरफ बढ़ रहे हैं। उन्हीं एपों में से एक है सिग्नल ऐप। इस ऐप को काफी पसंद किया जा रहा है। पिछले दो दिनों में 1 लाख से ज्यादा लोगों ने इसे डाउनलोड किया है। यही कारण है कि यह टॉप डाउलोडेड ऐप्स की लिस्ट में व्हाट्सएप को पिछे छोड़कर पहले नंबर पर पहुंच गया है।

कितना कारगर है सिग्नल ऐप
सिग्नल ऐप को दुनिया का सबसे सिक्योर ऐप में माना जाता है। इसके फिचर इतने तगड़े हैं कि इससे यूजर को डेटा शेयर होने का खतरा नहीं है। यह ऐप कभी भी आपके पर्सनल डेटा को नहीं मांगता। साथ ही आपके चैट बैकअप को भी क्लाउड स्टोरेज पर नहीं भेजा जाता। यानि आपका डेटा ऑनलाइन स्टोर नहीं होता। सभी डेटा आपके फोन में ही सेव होता है। साथ ही अगर आप चाहते हैं कि आपके चैट का कोई स्क्रिनशॉट ना ले तो आप इसे भी अपने यहां से बंद कर सकते हैं। बस इसके लिए आपको डाटा लिंक्ड टू यू नाम के एक फीचर को ऑन करना होगा। वहीं इस मैसेजिंग ऐप पर आपको कोई ग्रुप बनाकर नहीं जोड़ सकता। उसे जोड़ने के लिए पहले आपको इनवाइट भेजना होगा। जब आप एक्सेप्ट करेंगे तभी आप ग्रुप में जुड़ पाएंगे। इस ऐप के एक नहीं कई खासियत हैं। जैसे पुराने मैसेज खुद ही खत्म हो जाना। सिंग्नल के सर्वर से कॉल जाना जिससे की आपके सामने वाले कॉन्टैक्ट को आईपी एड्रेस का पता नहीं चलता।

किन कामों के लिए किया जा सकता है इस्तेमाल
सिग्नल ऐप, व्हाट्सएप की तरह ही काम करता है। इससे आप मैसेज, फोटो, विडियो, कॉल, आदि सब कर सकते हैं। खास बात यह है कि कंपनी ने हाल ही में एक नए फीचर को जोड़ा है। जिसके तहत आप 150 से ज्यादा लोगों के साथ एक साथ ग्रुप वीडियो कॉलिंग कर सकते हैं।

ऐप को किसने बनाया है
इस ऐप को सिग्नल फांउडेशन (Signal foundation) ने बनाया है। इसके सीईओ हैं मोक्सी मार्लिस्पाइक। (Moxie Marlinspike) सिग्नल फांउडेशन एक नॉन-प्रॉफिटेवल कंपनी है। सबसे बड़ी बात ये है कि इस कंपनी को स्थापित करने में व्हाट्सएप के को-फाउंडर ब्रायन एक्टन (Brian Acton) ने मोक्सी मार्लिस्पाइक की मदद की थी। उन्होंने 2017 में व्हाट्सएप को छोड़ने के बाद सिंग्नल फांउडेशन में लगभग 50 मिलियन डॉलर का निवेश किया था।

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