CM शिवराज प्रदेश के 13 हजार स्व-सहायता समूहों को वितरित करेंगे 200 करोड़ रुपये

CM शिवराज प्रदेश के 13 हजार स्व-सहायता समूहों को वितरित करेंगे 200 करोड़ रुपये

image source : mpinfo

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 13 हजार स्व-सहायता समूहों से जुड़े एक लाख 30 हजार से अधिक जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को एक ही दिन में लगभग 200 करोड़ रूपये का ऋण वितरित करेंगे। इस ऋण वितरण के लिये 20 सितम्बर को वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया एवं राज्य मंत्री रामखिलावन पटेल वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से जुड़े रहेंगे।

Shivraj will distribute 200 crore rupees to 13 thousand self-help groups of MP

स्थिति सुधारने का प्रयास किया जा रहा

मुख्यमंत्री चौहान स्व-सहायता समूहों को राशि आवंटित कर दमोह, देवास तथा शिवपुरी जिलों के हितग्राहियों से वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से संवाद करेंगे। उल्लेखनीय है कि, सरकार द्वारा प्रायः प्रतिमाह इस तरह के समूह बैंक ऋण शिविर आयोजित कर प्रदेश के दस लाख ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने का प्रयास किया जा रहा है।

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बैंकों के साथ व्यापक समन्वय स्थापित किया है
राज्य सरकार ने स्व-सहायता समूहों को सरलता से ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैंकों के साथ व्यापक समन्वय स्थापित किया है। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले निर्धन परिवारों की महिला सदस्यों को स्व-सहायता समूहों से जोड़ कर उनके सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण के लिये सतत प्रयत्नशील है।

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गरीब परिवारों को कठिनाई हो
ऋण वितरण के सम्बंध में महसूस किया गया है कि, बैंकिंग सेवाओं की दस्तावेजी सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में गरीब परिवारों को कठिनाई होती है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी कठिनाई अधिक देखी गयी है। कई बार जटिल प्रक्रिया की वजह से अनेक पात्र परिवार लाभ प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं।

लक्ष्य बढ़ाकर 1400 करोड़ किया गया
प्रदेश शासन ने स्व-सहायता समूहों के बैंक ऋण प्रकरण सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रस्तुत करने की पारदर्शी प्रक्रिया बनायी है। साथ ही इसकी सघन निगरानी भी की जा रही है। प्रदेश में स्व-सहायता समूहों के वार्षिक ऋण वितरण का लक्ष्य बढ़ाकर 1400 करोड़ किया गया है। आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश में अब तक 33 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़ कर लगभग 1523 करोड रूपये बैंक ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की गयी है।

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