Shivraj Singh Chouhan: जल्दबाजी में पत्नी साधना सिंह को भूल आए शिवराज, एयरपोर्ट पहुंचकर याद आया तो फिर ये हुआ!

Shivraj Singh Chouhan Wife Sadhna Singh: गुजरात के जूनागढ़ में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान फ्लाइट पकड़ने की जल्दी में पत्नी साधना सिंह को मूंगफली शोध केंद्र में भूल गए।

Shivraj Singh Chouhan: जल्दबाजी में पत्नी साधना सिंह को भूल आए शिवराज, एयरपोर्ट पहुंचकर याद आया तो फिर ये हुआ!

Shivraj Singh Chouhan: राजकोट से फ्लाइट पकड़ने की हड़बड़ी में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इतनी जल्दी में थे कि वे अपनी पत्नी साधना सिंह को ही पीछे छोड़ आए। गुजरात के जूनागढ़ में शनिवार को जब वे 22 गाड़ियों के काफिले के साथ मूंगफली अनुसंधान केंद्र से निकले, तो उन्हें कुछ दूरी पर जाकर याद आया कि उनकी पत्नी तो कार में बैठी ही नहीं हैं। फिर क्या था! काफिला तुरंत यू-टर्न लेकर लौटा और प्रतीक्षालय में बैठी साधना सिंह को लेकर दोबारा राजकोट के लिए रवाना हुआ।

क्या है पूरा मामला

[caption id="attachment_861543" align="alignnone" width="1036"]publive-image सोमनाथ मंदिर में जहां साधना सिंह ने श्रद्धा से माथा टेका, वहीं शिवराज सिंह चौहान ध्यानमग्न होकर ईश्वर की साधना में लीन हो गए।[/caption]

दरअसल, शनिवार को गुजरात के जूनागढ़ में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ एक चौंकाने वाली घटना घट गई। वे कार्यक्रम खत्म होते ही अपने 22 गाड़ियों के भारी-भरकम काफिले के साथ राजकोट के लिए रवाना हो गए, लेकिन कुछ ही दूरी पर पहुंचते ही उन्हें ध्यान आया कि पत्नी साधना सिंह तो साथ हैं ही नहीं!

ये भी पढ़ें :  MP के तीन नए जिलों को चुनाव आयोग की मंजूरी: अब मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा में कलेक्टर बनेंगे अपीलीय अधिकारी

प्रतीक्षालय में शांति से बैठी थी पत्नी साधना

हड़बड़ी में मंच से भाषण छोटा कर जल्दी निकलने वाले शिवराज सिंह को जैसे ही यह बात याद आई, उन्होंने तुरंत काफिला रुकवाया और वापस मूंगफली शोध केंद्र लौटे, जहां उनकी पत्नी प्रतीक्षालय में शांति से बैठी हुई मिलीं।

'लखपति दीदी' योजना संवाद कार्यक्रम में शामिल

[caption id="attachment_861547" align="alignnone" width="1033"]publive-image 'लखपति दीदी' योजना संवाद कार्यक्रम शामिल की तस्वीर[/caption]

असल में, शिवराज सिंह और उनकी पत्नी गुजरात दौरे पर थे, जिसमें सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन, गिर के जंगल सफारी, और फिर किसानों व 'लखपति दीदी' योजना से जुड़ी महिलाओं के साथ संवाद कार्यक्रम शामिल था। चूंकि उन्हें रात को 8 बजे राजकोट से फ्लाइट पकड़नी थी और रास्ता खराब था, इसलिए वे जल्दबाजी में थे।

कार्यक्रम के दौरान वे बार-बार घड़ी देखते रहे और मंच से कहा भी, राजकोट का रास्ता खराब है, अगली बार फुर्सत से आऊंगा। और फिर तेजी से काफिले के साथ निकल गए। उधर, साधना सिंह गिरनार दर्शन के बाद लौट चुकी थीं और उन्हें यह मालूम ही नहीं था कि काफिला निकल चुका है। पत्नी की याद आते ही शिवराज ने तुरंत फोन मिलाया और फिर पूरे काफिले के साथ वापस लौटकर उन्हें साथ लिया। इसके बाद दोनों राजकोट की ओर रवाना हुए।

ये भी पढ़ें : MP के 250 निजी स्कूलों की मान्यता रद्द: जमीन संबंधी दस्तावेजों में गड़बड़ी बनी वजह, भोपाल के 12 स्कूल भी शामिल

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article