Shivpuri Nagar Palika Scam: शिवपुरी नगर पालिका में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, 3 CMO सस्पेंड, नपाध्यक्ष पर होगी कार्रवाई!

शिवपुरी नगर पालिका में 57 करोड़ रुपए के घोटाले का खुलासा हुआ है। नगरीय प्रशासन आयुक्त ने तीन CMO को निलंबित कर दिया है, जबकि नगर पालिका अध्यक्ष पर भी जल्द कार्रवाई के संकेत हैं।

Shivpuri Nagar Palika Scam: शिवपुरी नगर पालिका में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, 3 CMO सस्पेंड, नपाध्यक्ष पर होगी कार्रवाई!

हाइलाइट्स

  • शिवपुरी नगर पालिका में करोड़ों के घोटाले का खुलासा।
  • वर्तमान और 2 पूर्व नगर पालिका अधिकारी सस्पेंड।
  • नगर पालिका अध्यक्ष पर भी हो सकती है कार्रवाई।

Shivpuri Nagar Palika 57 Crore Scam CMO suspended: मध्यप्रदेश के शिवपुरी नगर पालिका परिषद में लंबे समय से चल रही वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही का खुलासा हो चुका है। 57 करोड़ रुपए से ज्यादा के फर्जी भुगतान और कार्यों में गड़बड़ियों को लेकर 3 सीएमओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। तीन मुख्य नगरपालिका अधिकारियों (CMO) को निलंबित कर दिया गया है, जबकि नगर पालिका अध्यक्ष पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। यह फैसला नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने लिया है।

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भ्रष्टाचार का मामला, 3 CMO पर गिरी गाज

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल के आयुक्त संकेत भोंडवे ने शिवपुरी नगर पालिका परिषद में हुए 57 करोड़ रुपये के घोटाले पर बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में वर्तमान CMO इशांक धाकड़ के साथ-साथ पूर्व CMO केशव सगर और शैलेष अवस्थी को भी निलंबित कर दिया गया है। इन तीनों अधिकारियों को नगर निकाय से हटा दिया गया है।

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क्या नपाध्यक्ष पर भी होगी कार्रवाई?

कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी की जांच रिपोर्ट में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को भी दोषी ठहराया गया है। अब जल्द नपाध्यक्ष पर कार्रवाई की हो सकती है। रिपोर्ट में यह सामने आया है कि 2022 से अब तक 743 कार्य स्वीकृत किए गए, जिनकी कुल लागत 54.80 करोड़ रुपये थी, लेकिन उनमें से कई कार्य अधूरे या शुरू ही नहीं हुए।

पेमेंट में अनियमितता का क्या मामला है?

दरअसल, शिवपुरी नगर पालिका में भुगतान प्रणाली में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जांच में सामने आया कि कई निर्माण कार्य या तो अधूरे हैं या शुरू ही नहीं किए गए, बावजूद इसके कुछ ठेकेदारों को महज एक-दो महीनों में पूरा भुगतान कर दिया गया। वहीं, कई अन्य ठेकेदार लंबे समय से बकाया राशि के लिए दफ्तरों के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं।

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परिषद की बैठकों में वित्तीय लापरवाही

परिषद और पीआईसी (स्थायी समिति) की बैठकों में वित्तीय स्थिति की लगातार अनदेखी की गई। बजट प्रावधानों को दरकिनार करते हुए करोड़ों रुपये के कार्य प्रस्ताव पारित कर दिए गए। एक-एक लाख रुपये की फर्जी फाइलें बनाकर भुगतान कराए गए, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग साफ झलकता है।

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अध्यक्ष के घर से चली ‘फाइल-व्यवस्था’

जांच में यह भी सामने आया कि कई महत्वपूर्ण फाइलें नगर पालिका कार्यालय के बजाय सीधे नगर पालिका अध्यक्ष के आवास से संचालित की गईं। यह कार्यप्रणाली प्रशासनिक पारदर्शिता और नियमों का सीधा उल्लंघन है।

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भवन निर्माण मामलों में भी लापरवाही

भवन निर्माण स्वीकृति पोर्टल पर 55 प्रकरण तय समय-सीमा से बाहर लंबित पाए गए, जो विभागीय उदासीनता और प्रक्रिया की धीमी गति को दर्शाते हैं।

इन सभी गंभीर अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही को देखते हुए नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन CMO को निलंबित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

इस खबर से जुड़े 5 FAQ

1. शिवपुरी नगर पालिका के कितने CMO को निलंबित किया गया है?

उत्तर: तीन CMO इशांक धाकड़, केशव सगर और शैलेष अवस्थी को निलंबित किया गया है। जिसमें एक वर्तमान और 2 पूर्व नगर पालिका अधिकारी शामिल हैं।

2. इस घोटाले में कितना पैसा शामिल है?

उत्तर:  कुल मिलाकर 57 करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान और अनियमितता का मामला है।

3. क्या नगर पालिका अध्यक्ष पर भी कार्रवाई होगी?

उत्तर:  जांच रिपोर्ट में उन्हें दोषी पाया गया है, उन पर भी जल्द कार्रवाई हो सकती है।

4. यह कार्रवाई किसने की है?

उत्तर:  नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा यह कार्रवाई की गई है।

5. क्या और अधिकारी भी इस जांच के घेरे में हैं?

उत्तर: हां, आयुक्त ने संकेत दिए हैं कि अन्य जिम्मेदारों पर भी आगे कार्रवाई की जाएगी।

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