Sheopur Nagar Palika: श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष रेणु गर्ग को पद हटाया, हाईकोर्ट ने कहा- कानून का दुरुपयोग कर रहीं

ग्वालियर हाईकोर्ट ने श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष रेणु गर्ग को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने का आदेश दिया है। नगर परिषद चुनाव में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद यह फैसला सुनाया गया।

Sheopur Nagar Palika: श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष रेणु गर्ग को पद हटाया, हाईकोर्ट ने कहा- कानून का दुरुपयोग कर रहीं

हाइलाइट्स

  • श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष रेणु गर्ग को पद से हटाया।
  • अनियमितता के मामले में ग्वालियर हाईकोर्ट का फैसला।
  • नगर पालिका अध्यक्ष के सभी अधिकारों पर लगाई रोक।

Sheopur Nagar Parishad President Renu Garg removed Highcourt: मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में नगर पालिका की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। ग्वालियर हाईकोर्ट ने नगर परिषद अध्यक्ष रेणु गर्ग को उनके पद से हटा दिया है। कोर्ट ने कहा कि अध्यक्ष कानून का दुरुपयोग कर रही थीं और बिना अधिसूचना के कार्यरत थीं। कोर्ट ने यह कदम चुनाव में हुई अनियमितताओं और कानून के दुरुपयोग के आरोपों के चलते उठाया है। साथ ही अध्यक्ष के सभी अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है। अब रेणु गर्ग आगामी आदेश तक अध्यक्ष का कार्य नहीं संभाल पाएंगी। अदालत के इस फैसले से श्योपुर नगर सहित जिले के राजनीतिक हल्कों में हड़कंप मच गया है।

अध्यक्ष रेणु गर्ग को हटाया गया

ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए श्योपुर नगर परिषद अध्यक्ष रेणु गर्ग को पद से हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने उनके सभी अधिकारों पर भी रोक लगा दी है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। आदेश के अनुसार रेणु गर्ग अब अलगे आदेश तक अध्यक्षीय कामकाज नहीं कर सकेंगी। हाईकोर्ट का ये आदेश बुधवार से प्रभावी हो गया है।

कोर्ट ने कहा कि रेणु गर्ग बिना राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित किए अध्यक्ष पद पर कार्यरत थीं, जो कानूनन अवैध है। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि वे विभिन्न अदालतों में विरोधाभासी रुख अपनाकर कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रही हैं।

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चुनाव में अनियमितता का मामला

यह मामला नगर परिषद चुनाव के दौरान हुई अनियमितताओं से जुड़ा है। रेणु गर्ग के निर्वाचन को लेकर शिकायतकर्ता सुमेर सिंह ने कोर्ट में चुनौती दी थी। पहले ट्रायल कोर्ट ने इसे तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया था, लेकिन अब हाईकोर्ट ने सिविल रिवीजन के तहत गंभीर रुख अपनाते हुए कार्रवाई की।

क्या था कानूनी आधार

मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम की धारा 20(3)(i) के तहत चुनाव परिणाम की अधिसूचना के 30 दिन के भीतर ही चुनाव याचिका दायर की जा सकती है। सुमेर सिंह की याचिका को पहले ‘प्रीमैच्योर’ मानकर ट्रायल कोर्ट ने खारिज किया था, लेकिन अब हाईकोर्ट ने इस पर पुनर्विचार करते हुए रेणु गर्ग को अध्यक्षीय जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया।

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राजनीतिक गलियारों में हलचल

कोर्ट के इस फैसले से श्योपुर सहित पूरे जिले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। यह फैसला शासन के उच्च स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

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