Bageshwar Dham : ये मुस्लिम है बागेश्वर धाम के महाराज का पक्का दोस्त, जानिए कौन

Bageshwar Dham : ये मुस्लिम है बागेश्वर धाम के महाराज का पक्का दोस्त, जानिए कौन Sheikh Mubarak, a close friend of Bageshwar Dham Maharaj vkj

Bageshwar Dham : ये मुस्लिम है बागेश्वर धाम के महाराज का पक्का दोस्त, जानिए कौन

Sheikh Mubarak friend of Bageshwar Dham Maharaj : मध्यप्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम इन दिनों देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में सुर्खियों में बना हुआ है। बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री चुटकिया में उनके पास आए भक्तों की समस्यााओं का निराकरण कर देते है। बागेश्वर धाम में रोजाना लाखों की भीड़ उनके प्रवचन सुनने के लिए पहुंचती है। बागेश्वर धाम के महाराज धीरेन्द्र शास्त्री तो वैसे हिुदू धर्म के अनुयायी है लेकिन उकना सच्चा मित्र मुस्लिम है। जी हां सुनने में आपको थोड़ा अजीब जरूर लगेगा, लेकिन यह सच है यह बात खुद महाराज धीरेन्द्र शास्त्री ने बताई है।

बागेश्वर धाम के संत धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने खुद अपने एक सच्चे मित्र के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि शेख मुबारक नाम का एक शख्स उनका सच्चा मित्र है। धीरेन्द्र शास्त्री ने बताया कि वह मुस्लिम जरूर है, लेकिन वह रोज सुंदरकांड का पाठ करता है। उसके परिवार में करीब 60 सालों से राम नाम का कीर्तन भी होता है। दोनों की दोस्ती को 12 साल हो चुके है। बागेश्वर धाम सरकार बताते है कि शेख मुबारक ने उनके मुश्किल समय में उनका काफी साथ दिया है।

शेख ने दिए बहन की शादी के लिए पैसे

बागेश्वर धाम बताते है कि जब उनकी बहन की शादी थी तब शेख मुबारक ने उनकी मदद की थी। उसने उनकी बहन की शादी के लिए पैसे से उनकी मदद की थी। क्योंकि उनके पास और उनके परिवार के पास इतने पैसे नहीं थे। महाराज ने बताया कि जब उनको पैसे की जरूर पड़ी तो लोगों से उन्होंने पैसे मांगे, लेकिन किसी ने नही दिए। तब उन्होंने अपने दोस्त शेख मुबारक को यह बात बताई तो उसने बहन की शादी में पैसे देने का भरोसा दिया। और अगले दिन उसने मुझे 20 हजार रूपये दिए। इतना ही नहीं शेख ने बहन की शादी की विदाई के लिए जरूरी सामान भी लाकर दिया। महाराज ने बताया की बहन की शादी के दो साल बाद मैेने शेख को पैसे लौटा दिए।

शेख से हुआ महाराज का झगड़ा

बागेश्वर धाम के महाराज ने बताया की एक बार उनका शेख मुबाकर से झगड़ा हो गया था। शेख ने मुझसे एक बार कहा था कि वह तुम बड़े आदमी हो गए हो। तुम अपने मित्र सुदामा को भूल गए। महाराज ने आगे बताया की शेख मुबारक हमारी बहनों से राखी बंधवाते है। वो मेरे परिवार को अपना परिवार समझते है। महाराज ने बताया की शेख मुबाकर ने अपने गांव के हनुमान मंदिर पर लोगों से चंदा लेकर तीन बार भागवत कथा का आयोजन कराया है।

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