बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना और पूर्व गृहमंत्री आसदुज्जमान खान कमाल को फांसी की सजा सुनाई गई है। उन्हें ढाका की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराया है। ट्रिब्यूनल ने उन्हें अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं का मास्टरमाइंड कहा है। शेख हसीना तख्तापलट के बाद भारत आ गईं थीं। वे पिछले 15 महीने से भारत में ही रह रही हैं। हसीना के फैसले को लेकर देशभर में हिंसा जारी है। सरकार ने हाई अलर्ट की घोषणा कर दी है। ढाका में 15,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इन्हें हिंसक प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश दिया गया है।
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