Shashi Tharoor : थरूर ने केरल में सिल्वर लाइन की जगह ‘वंदे भारत’ ट्रेन की वकालत की

Shashi Tharoor : थरूर ने केरल में सिल्वर लाइन की जगह ‘वंदे भारत’ ट्रेन की वकालत की Shashi Tharoor: Tharoor advocates 'Vande Bharat' train instead of Silver Line in Kerala

Shashi Tharoor : थरूर ने केरल में सिल्वर लाइन की जगह ‘वंदे भारत’ ट्रेन की वकालत की

तिरुवनंतपुरम। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने कहा है कि तीन सालों में 400 ‘वंदे भारत’ ट्रेन शुरू करने पर केंद्रीय बजट की घोषणा प्रदेश के कई करोड़ की लागत वाले अर्ध उच्च गति पहल वाले ‘सिल्वर लाइन रेल गलियारा परियोजना’ का एक विकल्प हो सकती है। थरूर ने पहले केरल में एलडीएफ सरकार की विशाल सिल्वर लाइन रेल कॉरिडोर परियोजना के लिए सहायक रुख अपना कर विवाद खड़ा किया था। तिरुवनंतपुरम से सांसद ने ट्वीट किया कि केंद्रीय बजट 2022 में केरल के लिए एक दिलचस्प तत्व 400 नई वंदे भारत ट्रेनों की घोषणा थी, जो 180 किमी प्रति घंटे की गति से यात्रा कर सकती हैं। उन्होंने पूछा कि क्या केंद्र और राज्य सरकार वंदे भारत ट्रेनों को सिल्वर लाइन के लिए “सस्ता और अधिक ऊर्जा कुशल विकल्प” के रूप में देख सकती हैं? उन्होंने यह भी कहा कि यह विकास को बढ़ावा देने के लिये तेजी से ट्रेन यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की चिंता, और उनकी पार्टी की चिंताओं को दूर कर सकता है, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में कांग्रेस की चिंताओं को भी यह कम कर सकता है।

राज्य के लिये विकास की जरूरत है

थरूर ने ट्वीट किया, “वंदेभारत ट्रेनों को केरल में लाने से विकास को बढ़ावा देने के लिए तेज ट्रेन यात्रा के लिए पिनराई विजयन की चिंता का समाधान हो सकता है, और भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में केरल कांग्रेस की चिंताओं को कम किया जा सकता है। भारत सरकार और केरल सरकार को राज्य के हित में इस पर चर्चा करनी चाहिए जो दोनों के लिए लाभदायक को।” बाद में उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि वंदे भारत ट्रेन सेवाओं की बजट घोषणा अमल में आएगी, लेकिन राज्य और केंद्र सरकारों को इसकी संभावनाओं पर चर्चा करनी चाहिए और इस तरह परियोजना के बारे में चल रहे विवाद को समाप्त करना चाहिए। उनका इशारा था कि ‘सिल्वर लाइन परियोजना’ के लिए केंद्र की मंजूरी अब भी लंबित है। थरूर ने कहा कि विवाद नहीं हर किसी को राज्य के लिये विकास की जरूरत है।

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