सिंधिया राजघराने ने एक बार नहीं बल्कि दो बार गिराई है कांग्रेस की सरकार, जानिए क्या है पूरा मामला

Jyotiraditya Scindia

भोपाल। वो सिंधिया ही थे जिन्होंने मध्यप्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन पूर्व सीएम कमलनाथ से अनबन के बाद उन्होंने कांग्रेस से नाता तोड़ लिया और प्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिर गई। कांग्रेस सरकार को गिरे आज एक साल हो गए हैं। ऐेसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि कब-कब सिंधिया राजघराने ने कांग्रेस की सरकार गिराई है।

दादी ने भी गिराया था कांग्रेस की सरकार

मालूम हो कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, अपने राजघराने से पहले व्यक्ति नहीं हैं जिन्होंने कांग्रस से नाराज होकर सरकार गिरा दी हो। इससे पहले उनकी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया (Vijayaraje Scindia) ने भी 1967 में कांग्रेस के मुख्यमंत्री द्वारकाप्रसाद मिश्रा (Dwarka Prasad Mishra) की सरकार गिरा दी थी।

कांग्रेस छोड़ जनसंघ से जुड़ गईं थी

वरिष्ठ पत्रकार दिपेश तिवारी इस घटना को याद करते हुए बताते हैं कि  ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की दादी विजयाराजे सिंधिया (Vijayaraje Scindia) ने भी अपने पोते की तरह समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस से नाता तोड़ लिया था। जिसके बाद द्वारकाप्रसाद मिश्रा की सरकार अल्पमत मे आ गई थी। इस घटना के बाद विजयाराजे सिंधिया ने जनसंघ का दामन थाम लिया था और चुनाव में करैरा विधानसभा से  उम्मीदवार बन गईं  थीं। उन्होंने इस चुनाव में कांग्रेस के गौतम शर्मा को हराया था।

इस कारण से खुद नहीं बनीं सीएम

जनसंघ ने इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया था।  विजयाराजे सिंधिया को विधायक दल का नेता चुना गया। सभी को लगा अब राजमाता सिंधिया ही मुख्यमंत्री बनेंगी। लेकिन उन्होंने सीएम बनने से इंकार कर दिया और गोविंद नारायण सिंह (Govind Narayan Singh) का नाम आगे बढ़ाया।  गोविंद नारायण सिंह अपने साथ कई कांग्रेसी विधायकों को लेकर राजमाता के खेमे में आए थे। इस कारण से विजयाराजे सिंधिया ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया था।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password