दिग्विजय सिंह के बयान पर सिंधिया का जवाब: मैं आज भी उन्हें करता हूं प्रणाम, मैंने कभी राजा साहब को टारगेट नहीं किया

Scindia Reply Digvijay Singh: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिग्विजय सिंह के बयान पर दिया ये जवाब, बोले उनकी जिंदगी निकल गई मुझे और पिता को टारगेट करते थे।

दिग्विजय सिंह के बयान पर सिंधिया का जवाब: मैं आज भी उन्हें करता हूं प्रणाम, मैंने कभी राजा साहब को टारगेट नहीं किया

Scindia Reply Digvijay Singh: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने चार दिवसीय दौरे पर ग्वालियर पहुंचे हैं, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। ग्वालियर पहुंचने के बाद, सिंधिया ने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर जमकर निशाना साधा। पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को लेकर दिग्विजय सिंह के आरोपों का जवाब देते हुए सिंधिया ने कहा, "यह कोई नई बात नहीं है, दिग्विजय सिंह की पूरी जिंदगी मेरे पूज्य पिता और मुझे टारगेट करते हुए गुजरी है। मैंने कभी राजा साहब को टारगेट नहीं किया।

'मैं उन्हें आज भी प्रणाम करता हूं'

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिग्विजय सिंह के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह हमेशा उनका टारगेट करते हैं। उन्होंने कहा, "जिंदगी हो गई मुझे और मेरे पिता को टारगेट करते-करते। आज भी उनसे मिलता हूं, तो प्रणाम करता हूं। हर व्यक्ति अपनी विचारधारा के अनुसार अपनी दिशा तय करता है, मेरी दिशा जनता की सेवा करना है और वही मेरा टारगेट है।"

दिल्ली में भी जीतेगी भाजपा: सिंधिया

अपने दौरे के दौरान मंत्री सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर के साथ-साथ गुना, शिवपुरी और अशोक नगर भी उनके प्रवास का हिस्सा हैं। इस दौरान वे कई विकासात्मक कार्यों और प्रगति की सौगात देने वाले हैं। उन्होंने बताया कि मेमू ट्रेन अशोक नगर से गुना और रुठियाई तक चलने वाली है।

दिल्ली चुनाव को लेकर सिंधिया ने कहा कि, जैसे हरियाणा और महाराष्ट्र में उनकी विचारधारा के साथ भारतीय जनता पार्टी ने कमल का फूल लहराया, वैसे ही दिल्ली में भी भाजपा सफलता प्राप्त करेगी।

दिग्विजय सिंह ने सौरभ शर्मा मामले में साधा था निशाना

हाल ही में दिग्विजय सिंह ने सौरभ शर्मा मामले में सिंधिया पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि जब कमलनाथ की सरकार बनी थी, तब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दबाव डाला था कि परिवहन और राजस्व विभाग गोविंद सिंह राजपूत को सौंपा जाए। इसके बाद हमारी सरकार ने एक बोर्ड का गठन किया था, जो यह निर्णय करता था कि किसे कहां पोस्ट किया जाएगा।

यह भी पढ़ें:दमोह में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया पटवारी: रास्ता निकलवाने के बदले किसान से मांगे थे 30 हजार रुपए

मुझे जानकारी मिली है कि जब शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने, तो सिंधिया जी ने दबाव डालकर उस बोर्ड को भंग करवा दिया। इसके बाद परिवहन विभाग फिर से गोविंद सिंह राजपूत को सौंप दिया गया और एक नई प्रक्रिया की शुरुआत हुई, जिसके तहत वसूली करने वाले व्यक्तियों की नियुक्ति होने लगी। अब सिंधिया ने इस पर जवाब दिया है।

यह भी पढ़ें: IAS अफसर की गाड़ी में निकला जहरीला सांप: मंत्रालय के गेट नंबर 9 के पास पार्क थी कार, 4 घंटे बाद SDRF की टीम ने निकाला

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article