School Reopen in UP : 1 सितंबर से खुलेंगे प्रायमरी स्कूल।

School Reopen in UP : 1 सितंबर से खुलेंगे प्रायमरी स्कूल।

Image credit : Rajesh Mishra

लखनऊ। लंबे इंतजार के बाद अब स्कूल बच्चों की आवाज से गूंजने को तैयार हैं। जी हां उत्तर प्रदेश में पिछले करीब डेढ़ साल से बंद प्रायमरी स्कूलों को खोलने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दे दिए हैं। राज्य में 1 सितम्बर 2021 से कक्षा 1 से 5 तक के विद्यालय खुलेंगे। इसके दृष्टिगत सभी स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल से सम्बन्धित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लेने के लिए कहा गया है। प्रतिदिन स्वच्छता और सैनिटाइजेशन का कार्य सही तरीके से करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए है।

कक्षा के अनुसार होगा समय
अभी तक के स्कूलों का समय सुबह 8 बजे से होता था। लेकिन अब कक्षाओं के अनुसार समय का निर्धारण किया जाएगा। जिसमें प्रायमरी स्कूल यानि कक्षा 1 से 5 के लिए अलग, कक्षा 6 से 7 तक के बच्चों के लिए अलग और कक्षा 8 से 12 के लिए अलग समय तय किया गया है। इसे लेकर अभिभावकों को स्कूल प्रशासन की ओर से पहले ही जानकारी दे दी गई है।

स्कूलों का दावा, तैयार हैं हम
स्कूल तो खुलने वाले हैं। कोरोना गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन कराने का दावा भी स्कूल संचालकों द्वारा किया जा रहा है। इनके अनुसार बच्चों के आते ही सबसे पहले स्कूल गेट पर उनका तापमान चेक किया जाएगा। उसके बाद ही एंट्री दी जाएगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक बच्चे को सैनिटाइजर भी उपलब्ध कराया जाएगा। बगैर मास्क लगाए स्टाफ, बच्चे और शिक्षक किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

स्कूल एसोसिएशन की क्या है तैयारी
स्कूल एसोसिएशन की माने तो 1 से 5 तक के बच्चों के लिए खास इंतजाम भी किए गए हैं। इन बच्चों की निगरानी की जरूरत अधिक होती है। अत: इसके लिए स्टाफ़ भी अतिरिक्त लगाया जाएगा। कक्षाएं सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे के मध्य संचालित की जाएंगी।

ऐसी होगी बैठने की व्यवस्था
स्कूल प्रबंधकों व प्राचार्यों की माने तो कोरोना संक्रमण को देखते हुए कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए बच्चों को बिठाने की व्यवस्था की गई है। मान लीजिए किसी कक्षा में 50 बच्चे हैं। तो उसे दो भागों में बांटा जाएगा। और दोनो सेक्शन के विद्यार्थियों को अलग—अलग कक्षाओं में बिठाया जाएगा। मतलब मान लीजिए क्लास 1 के चार सेक्शन हैं। तो उन्हें 8 सेक्शन में बांट दिया जाएगा। जिससे एक क्लास में 25 बच्चों को ही बैठाया जा सके। इसके अलावा अगर फिर भी बच्चे ज्यादा होते हैं। तो उनके लिए आनलाइन क्लास की व्यवस्था की जा सकती है। संबंधित अधिकारियों ने कोविड गाइडलाइंस का गंभीरता से पालन करते हुए स्कूलों को खोलने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के लिए कहा गया है।

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