School Bus Colour: स्कूल बस का रंग पीला ही क्यों होता हैं, जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण

school bus

नई दिल्ली। जब भी आप किसी स्कूल बस को देखते हैं, तो उसका रंग पीला होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों है? अगर नहीं तो चलिए आज हम आपको बताते हैं इसके पीछे की वजह।

हर रंग की अपनी वेवलेंथ और प्रीक्वेंसी होती है

बतादें कि भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में स्कूल बसों का रंग पीला होता है। इसकी कई खास वजहें है। क्योंकि हमारी जिंदगी में रंग बड़ा रोल निभाते हैं। हर रंग की अपनी वेवलेंथ और प्रीक्वेंसी होती है। इसे के आधार पर हम इन्हें देख पाते हैं। इसके साथ ही हर रंग के अपने अपने आधार होते हैं। जैसे हम लाल रंग को खतरे के तौर पर देखते हैं। उसी प्रकार पीले को हम आकर्षित करने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

लाल रंग की वेवलेंथ सबसे ज्यादा होती है

वहीं अगर हम साइंस के नजरिए से रंगों को समझने की कोशिश करें तो इसे हम VIBGYOR यानी (बैनीआहपीनाला) के सिद्धांत से वर्गिकृत करते हैं। बै यानी कि बैंगनी, नी मतलब नीला, आ मतलब आसमानी, ह मतलब हरा, पी मतलब पीला, ना मतलब नारंगी और ला मतलब लाल। इन सातों रंगों में से लाल रंग की वेवलेंथ सबसे ज्यादा होती है, लिहाजा उसे सबसे ज्यादा दूर से देखा जा सकता है। यही कारण है कि लाल रंग का इस्तेमाल खतरे के संकेत या ट्रैफिक लाइट में किया जाता है।

पीले रंग का को धुंध में भी पहचाना जा सकता है

लाल रंग के बाद पीले रंग की वेवलेंथ ही सबसे ज्यादा होती है। इसे भी दूर से देखा और पहचाना जा सकता है। इसी वजह से स्कूल बसों को पीले रंग में रंगा जाता है। ताकि उसकी तरफ लोगों का अटेंशन बना रहे। यही नहीं पीले रंग को बारिश, कोहरा या धुंध में भी पहचाना जा सकता है। पीले रंग का लैटरल पेरीफेरल विजन पीले रंग की तुलना में लगभग सवा गुना ज्यादा होता है।

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