Shiv Sena Split: शिवसेना विधायकों की अयोग्यता पर सुनवाई का बदला शेड्यूल, जानें यहां

महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर 12 अक्टूबर (गुरुवार) शिवसेना दोनों गुटों की तरफ दाखिल की अयोग्यता अर्जियों पर सुनवाई करेंगे।

Shiv Sena Split: शिवसेना विधायकों की अयोग्यता पर सुनवाई का बदला शेड्यूल, जानें यहां

Shiv Sena Split: महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर 12 अक्टूबर (गुरुवार) शिवसेना दोनों गुटों की तरफ दाखिल की अयोग्यता अर्जियों पर सुनवाई करेंगे। पहल स्पीकर ने सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की थी। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने पिछले महीने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना के दोनों गुटों की याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की।

विधानसभा में पहली सुनवाई 14 सितंबर को हुई थी। शिवसेना (यूबीटी) की तरफ से जल्द से जल्द सुनवाई की मांग लगातार की जा रही है। राहुल नार्वेकर ने सुनवाई के शेड्यूल में ऐसे वक्त पर बदलाव किया है जब अजित पवार समेत आठ विधायकों की अयोग्यता याचिका पर फैसला नहीं लेने को लेकर एनसीपी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट में इस पर सुनवाई 13 अक्टूबर को होनी है।

एक दिन पहले सुनवाई

विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि अयोग्यता याचिकाओं पर (अगली) सुनवाई शुक्रवार को होने वाली थी। लेकिन मुझे उस दिन दिल्ली में जी20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन (पी20) में भाग लेना है, इसलिए मैंने सुनवाई का कार्यक्रम पहले करने का फैसला किया है।

यह सुनवाई अब 13 की बजाए 12 अक्टूबर को होगी। नार्वेकर ने कहा कि मैं सुनवाई के लिए बाद की तारीख तय कर सकता था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया क्योंकि मैं सुनवाई में और देरी नहीं करना चाहता। मैं इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला करना चाहता हूं। जुलाई में विधानसभा अध्यक्ष ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 40 और ठाकरे गुट के 14 विधायकों को नोटिस जारी कर उनके खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर जवाब मांगा था।

कुल 54 विधायकों को नोटिस

मुख्यमंत्री शिंदे और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे समेत कुल 54 विधायकों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, पिछले साल शिवसेना के विभाजन के बाद निर्वाचित हुईं शिवसेना (यूबीटी) की विधायक ऋतुजा लटके के खिलाफ नोटिस जारी नहीं किया गया था। ठाकरे गुट से संबंधित सुनील प्रभु ने अविभाजित शिवसेना के मुख्य सचेतक के रूप में पिछले साल शिंदे और 15 अन्य विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की थी, जब उन्होंने (शिंदे और अन्य विधायकों ने) जून 2022 में सरकार बनाने के लिए बगावत कर बीजेपी से हाथ मिला लिया था।

देरी करने का लगा था आरोप

इस साल 11 मई को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। अदालत ने यह भी कहा कि वह ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) गठबंधन सरकार को बहाल नहीं कर सकती क्योंकि ठाकरे ने शिंदे की बगावत के मद्देनजर शक्ति परीक्षण का सामना किए बिना इस्तीफा देने का फैसला किया था।शिवसेना (यूबीटी) नार्वेकर पर अयोग्यता याचिकाओं पर निर्णय लेने में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगा रही है। नार्वेकर ने 21 सितंबर को कहा था कि वह कुछ शिवसेना विधायकों की अयोग्यता याचिकाओं पर फैसले में देरी नहीं करेंगे, लेकिन इसमें जल्दबाजी भी नहीं करेंगे क्योंकि इसके परिणामस्वरूप न्याय में विफलता हो सकती है।

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