Sarson Ka Tel: क्या आप भी करते हैं कडुवा तेल का उपयोग! अगर नहीं तो पढ़ ले ये खबर, क्या कहते हैं वैज्ञानिक

Sarson Ka Tel: क्या आप भी करते हैं कडुवा तेल का उपयोग! अगर नहीं तो पढ़ ले ये खबर, क्या कहते हैं वैज्ञानिक

musterd oil

नई दिल्ली। बदलती लाइफस्टाइल Sarson Ka Tel ने लोगों के खान—पान में भी बदलावा किया है। जिसके चलते लोगों ने खाने में सरसों का तेल का उपयोग एक बार फिर से शुरू कर दिया है। लेकिन इसे कितनी मात्रा में उपयोग किया जाना चाहिए। ये कभी आपने सोचा है। यदि नहीं तो हम आपको बताते हैं। इसे लेकर वैज्ञानिकों ने एक शोध किया है जिसमे चौकाने वाले खुलासे हुए हैं।

आप भी अगर सरसों के तेल का उपयोग करते हैं तो How much mustard oil should you consume daily आपको यह जानना जरूरी है कि इसे कितनी मात्रा में सेवन करें ताकि इसका साइड इफेक्ट न झेलना पड़े। आपको जानना होगा कि एक सामान्य व्यक्ति को दिन में कितना सरसों का तेल उपयोग करना चाहिए।

‘अति सर्वत्र वर्जयेत्’
कोई भी चीज कितनी भी गुणकारी क्यों न हो उसका जरूरत से ज्यादा उपयोग हानिकारक होता है। कहावत भी है कि ‘अति सर्वत्र वर्जयेत्’। किसी भी चीज का एक निश्चित मात्रा में उपयोग करने पर ही हमें उसका फायदा मिलता है। यही बात सरसों तेल पर भी लागू होती है।

सरसों तेल के गुणकारी तत्व
सरसों के तेल में विशेष प्रकार का कड़वा स्वाद आने के कारण इसे कड़ुवा तेल भी कहते हैं। इसका उपयोग दिल, त्वचा और बालों में तो गुणकारी होता ही है। साथ ही साथ इसे खाने के लिए बेहद खास माना जाता है। भारत सहित पाकिस्तान और बांग्लादेश आदि देशों में भी इसका उपयोग भोजन बनाने में काफी लोकप्रिय है।

बढ़ी है सरसों के तेल की मांग
समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट पर नजर डालें तो ट्रांसपैरेंसी मार्केट रिसर्च (Transparency Market Research) के हवाले बताया गया है कि उत्तरी अमेरिका, लैटिन अमेरिका, पूर्वी यूरोप, पश्चिमी यूरोप, एशिया प्रशांत, मध्य पूर्व और अफ्रीका तक में इस कडुवे तेल की मांग बढ़ी है। इन स्थानों पर इसका भरपूर उपयोग किया जा रहा है।

कैंसर को तक दूर कर सकता है सरसों का तेल
सरसों तेल में पाए जाने वाले मोनोअनसैचुरेटेड (monounsaturated) और पोलीअनसैचुरेटेड (polyunsaturated) फैटी एसिड के कारण इसे बहुत अधिक गुणकारी माना जाता है। साथ ही ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड अच्छी मात्रा में और सैचुरेटेड फैट काफी कम पाया जाता है। ये हमारे शरीर में इस्केमिक हार्ट डिजीज (ischemic heart disease) का खतरा आधा कर देते हैं। धमनियों के सिकुड़ने से पैदा होने वाली बीमारी जिसे इस्केमिक हार्ट डिजीज कहते हैं इसमें बेहद लाभप्रद माना जाता है। इतना ही नहीं कई शोधों में इसे कैंसर में तक लाभप्रद माना गया है।

एम्स ने किया शोध में खुलासा
इस तेल के गुणकारी तत्वों को लेकर दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और बेंगलुरू स्थिति सेंट जॉन हॉस्पिटल ने द्वारा किए गए अध्ययन को अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन (American Journal of Clinical Nutrition) में 2018 में प्रकाशित किया गया था। भारतीयों मेें खाने की आदत और बीमारियों को लेकर किए गए इस शोध में यह भी बात सामने आई कि तेल से कोरोनरी हार्ट डिजीज (coronary heart disease) के खतरे को 71 फीसदी तक कम किया जा सकता है।

कितना खाना चाहिए सरसों तेल
विशेषज्ञों की मानें तो एक स्वस्थ्य व्यक्ति को एक टाइम के खाने में एक चम्मच सरसों के तेल का उपयोग करना चाहिए। यानि हर माह एक व्यक्ति को करीब 600 से 700 मिली लीटर सरसों तेल का सेवन करना चाहिए।

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