Chhattisgarh Election 2023: सरायपाली विधानसभा यहां हर पांच साल में बदलते हैं चुनावी समीकरण, जानें सीट से जुड़ा रोचक इतिहास

महासमुंद। जिले की सरायपाली विधानसभा अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है। इस विधानसभा में अब तक चार बार विधानसभा चुनाव हुए हैं।

Chhattisgarh Election 2023: सरायपाली विधानसभा यहां हर पांच साल में बदलते हैं चुनावी समीकरण, जानें सीट से जुड़ा रोचक इतिहास

महासमुंद। जिले की सरायपाली विधानसभा अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है। इस विधानसभा में अब तक चार बार विधानसभा चुनाव हुए हैं।

जिसमें कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुकाबला बराबरी का रहा है। यानी दो बार इस विधानसभा में बीजेपी और दो बार कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया है।

इस बार इस विधानसभा सीट पर बीजेपी ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी का ऐलान नहीं हुआ है।

इस बार बीजेपी ने सरला कोसरिया पर लगाया दांव

बीजेपी ने इस बार सरायपाली से सरला कोसरिया को टिकट दिया है। सरला कोसरिया पूर्व राज्यसभा सांसद रेशमलाल जांगड़े की छोटी बेटी हैं।

सरला कोसरिया वर्ष 2016 से भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर हैं। इनका गायत्री परिवार से भी खासा जुड़ाव है।

जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं सरला कोसरिया

सरला कोसरिया साल 2010 से 2015 तक महासमुंद जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।

वहीं इस विधानसभा सीट से कांग्रेस के भी कई दावेदार हैं। लेकिन उनमें सबसे पहला नाम पिछली बार के विजेता किस्मत लाल का है।

किस्मत लाल पहली बार 2018 के चुनाव में कांग्रेस की टिकट से जीतकर विधायक बने हैं।

सरायपाली विधानसभा का चुनावी इतिहास

सियासी समीकरण की बात की जाए तो इस सीट को लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ माना जाता था।

छत्तीसगढ़ गठन के बाद इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बराबरी का मुकाबला रहा है।

यहां कांग्रेस तो कभी बीजेपी के प्रत्याशी को जीत मिलती रही है।

एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी

राज्य बनने के बाद 2003 के चुनाव में यहां बीजेपी के त्रिलोचन पटेल ने कांग्रेस के देवेंद्र बहादुर को हरा कर कांग्रेस को झटका दिया था।

इसके बाद एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी की जीत का ट्रेंड चला। 2008 से पहले यह सीट सामान्य थी।

जिस पर सरायपाली राजपरिवार सालों से इस इलाके की सियासी किस्मत लिखता रहा है।

राजपरिवार के सदस्यों ने लंबे समय तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया है।

साल 2018 के चुनाव परिणाम

महासमुंद जिले मे डीएसपी के पद से सेवानिवृत्त होकर साल 2018 में किस्मत लाल नंद ने विधायक के लिए चुनाव लड़ा।

पहले ही चुनाव में किस्मत लाल नंद ने बीजेपी के प्रत्याशी श्याम तांडी को रिकॉर्ड मतों से हराया।

2018 चुनाव में किस्मत लाल नन्द को 1 लाख 302 मत मिले थे।

जबकि बीजेपी के श्याम तांडी को 48 हजार 14 मतों से ही संतोष करते हुए हार स्वीकारनी पड़ी थी।

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