Bhopal:संत आसाराम आश्रम में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम बैरंग लौटी, कार्रवाई के विरोध में आगे किए छात्र-महिलाएं

Bhopal Sant Asaram Ashram: भोपाल के गांधीनगर में पुलिस-प्रशासन की टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। संत आसाराम आश्रम का अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई गुरुकुल के छात्रों और महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा।

Bhopal:संत आसाराम आश्रम में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम बैरंग लौटी, कार्रवाई के विरोध में आगे किए छात्र-महिलाएं

हाइलाइट्स

  • गांधीनगर के संत आसाराम आश्रम का अतिक्रमण
  • अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम बैरंग लौटी
  • गुरुकुल के बच्चों और मोहल्ले की महिलाओं ने किया विरोध

Bhopal Sant Asaram Ashram: भोपाल के गांधीनगर में संत आसाराम आश्रम में अतिक्रमण हटाने पहुंचे पुलिस-प्रशासन के अमले को बैरंग लौटना पड़ा। कार्रवाई के विरोध में आसाराम गुरुकुल के प्रबंधन ने बच्चे और मोहल्ले की महिलाओं को आगे कर दिया गया।

[caption id="attachment_869288" align="alignnone" width="416"]bhopal atikraman अवैध दीवार का सिर्फ एक हिस्सा तोड़ सकी टीम[/caption]

गुरुकुल के बच्चों के हाथों में हॉकी, बैट, डंडे

[caption id="attachment_869289" align="alignnone" width="419"]Gandhinagar Sant Asaram Ashram Bhopal गुरुकुल के बच्चों के हाथ में हॉकी स्टिक[/caption]

राजस्व, नगर निगम और गांधीनगर थाने की पुलिस टीम संत आसाराम आश्रम पहुंची थी। जैसे ही अवैध दीवार का एक हिस्सा तोड़ा गया तो गुरुकुल के छात्रों को आगे कर दिया गया। उनके हाथों में हॉकी स्टिक, बैट, डंडे, खुरपी जैसी चीजें थमाई गई थीं। मोहल्ले की महिलाएं भी विरोध करने आ गईं और सरकारी काम में बाधा डाली गई।

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3 घंटे चला हंगामा, हटाने नहीं दिया अतिक्रमण

[caption id="attachment_869290" align="alignnone" width="425"]Sant Asaram Ashram encroachment protest बुलडोजर के सामने विरोध करते छात्र और महिलाएं[/caption]

आसाराम गुरुकुल और मोहल्ले की महिलाओं ने अतिक्रमण की कार्रवाई का जमकर विरोध किया। शोर मचाया और हंगामा किया। उन्होंने अवैध दीवार तोड़ने का काम आगे ही नहीं बढ़ने दिया।

न पंचनामा, न रिपोर्ट, कार्रवाई खत्म

अतिक्रमण हटाने का विरोध होने पर पुलिस प्रशासन की टीम ने न मौके पर पंचनामा बनाया और न ही रिपोर्ट की कार्रवाई की गई। जिसकी जमीन पर आसाराम आश्रम का अतिक्रमण है, उस शिकायतकर्ता को भी वापस जाने के लिए कह दिया गया।

खाली हाथ लौटी टीम

पुलिस-प्रशासन की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पूरी टीम 3 घंटे रुककर खाली हाथ वापस लौट गई।

जमीन के दान का दावा, कोर्ट में चल रहा केस

[caption id="attachment_869398" align="alignnone" width="863"]bhopal ashram case संस्कृति बचाओ मंच और आश्रम प्रबंधन ने भी किया कार्रवाई का विरोध[/caption]

संस्कृति बचाओ मंच के संयोजक चंद्रशेखर तिवारी भी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि ये जमीन संत आसाराम बापू को दिलीप कुकरेजा के पिता ने दान की थी। कीमती जगह की वजह से कोर्ट में केस लगाया गया है, जो विचाराधीन है।

आश्रम प्रबंधन पर होगी कार्रवाई

बैरागढ़ के तहसीलदार हर्ष विक्रम सिंह ने कहा कि ये मामला कोर्ट में भी पहुंचा था। जिस पर संबंधित पक्षकार को जमीन का कब्जा दिलाना था। इसलिए गुरुवार को 4 मजिस्ट्रेट, राजस्व निरीक्षक और पटवारी के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन आश्रम प्रबंधन ने बच्चों को आगे कर दिया। इससे सरकारी काम में बाधा हुई। इस मामले में आश्रम प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी।

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