Sankashti Chaturthi 2022 : अश्विन विघ्नराज संकष्टि चतुर्थी आज, बन रहे बेहद खास योग, दूर होंगे सारे कष्ट

Sankashti Chaturthi 2022 : अश्विन विघ्नराज संकष्टि चतुर्थी आज, बन रहे बेहद खास योग, दूर होंगे सारे कष्ट sankashti-chaturthi-2022-ashwin-vighnaraj-sankashti-chaturthi-today-a-very-special-yoga-is-being-made-all-the-troubles-will-go-away-pds

Sankashti Chaturthi 2022 : अश्विन विघ्नराज संकष्टि चतुर्थी आज, बन रहे बेहद खास योग, दूर होंगे सारे कष्ट

नई दिल्ली। भादौ का महीना समाप्त होने के बाद Ashwin Sankashti Chaturthi 2022 Puja अश्विन माह की शुरूआत हो Sankashti Chaturthi 2022 चुकी है। अश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टि चतुर्थी कहा जाता है। जो आज 13 सितंबर को मनाई जा रही है। इस दिन पूजन का विशेष महत्व होता है। इस बार की संकष्टी चतुर्थी और अधिक खास होने जा रही है क्योंकि इस दिन कुछ विशेष योग बन रहे हैं। आपको बता दें इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है। तो चलिए जानते हैं इस दिन की पूजा का महत्व, तिथि और मुहूर्त क्या है। साथ ही जानें क्या है चंद्रोदय का सही समय।

इस दिन बन रहे ये खास योग, अश्विन संकष्टी चतुर्थी 2022 योग (Ashwin Sankashti Chaturthi 2022 shubh yoga)

आपको बता दें पंडित राम गोविंद शास्त्री के अनुसार विघ्नराज संकष्टि चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ-साथ अमृत योग बना है। ये दोनों ही योग भगवान श्री गणेश के पूजन के लिए खास माने जाते हैं। अमृत सिद्धि योग में विघ्नहर्ता की पूजा करने से सभी विघ्न हट जाते हैं। इतना ही नहीं इस दिन आपके वर्षों से रूके हुए सभी कार्य पूर्ण होंगे।

सर्वार्थ सिद्धि योग- 13 सितंबर 2022, 06.36 AM- 14 सितंबर 6.12 AM

अमृत सिद्धि योग- 13 सितंबर 2022, 06.36 AM- 14 सितंबर 6.12 AM

विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि (Sankashti Chaturthi puja vidhi)

  • सुबह स्नान करके सूर्योदय से पहले पीले कपड़े पहनें।
  • इसके बाद भगवान गणेश के समक्ष व्रत का संकल्प लें।
  • पूजा स्थल पर आटे से चौक बनाकर चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं।
  • उस पर गणेशजी की प्रतिमा स्थापित करें।
  • गंगाजल, रोली, अक्षत, लाल चंदन, लाल पुष्प, सुपारी, लौंग, इलायची, पान, जनेऊ, पीला या लाल वस्त्र, फल आदि अर्पित करें।
  • इसके बाद चतुर्थी व्रत कथा का सुनें।
  • इसके बाद गणपति की आरती कर रात को चंद्र दर्शन होने पर अर्ध्य दें।
  • अर्ध्य में दूध और जल मिलाकर अर्घ्य दें।

अर्घ्य देते समय इस मंत्र का जाप करें।

गगनार्णवमाणिक्य चन्द्र दाक्षायणीपते। गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक॥

अश्विन संकष्टी चतुर्थी 2022 मुहूर्त (Ashwin Sankashti Chaturthi 2022 Muhurat)

अश्विन कृष्ण संकष्टि चतुर्थी शुरू- 13 सितंबर 2022, सुबह 10 बजकर 37 मिनट

अश्विन कृष्ण संकष्टि चतुर्थी समापन- 14 सितंबर 2022, सुबह 10 बजकर 25 मिनट

चंद्रोदय समय - 08.35 मिनट (13 सिंतबर 2022)

ब्रह्म मुहूर्त - 04:38 AM - 05:25 AM

अभिजित मुहूर्त - 11:58 AM - 12:47 PM

विजय मुहूर्त- 02:26 PM - 03:16 PM

गोधूलि मुहूर्त - 06:22 PM - 06:46 PM

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