Same Sex Marriage : आज नहीं हुआ सेम सेक्स मैरिज की कानूनी मान्यता पर फैसला! सरकार ने बताया था एलीट क्लास

समलैंगिग विवाह का मुद्दा जहां पर देश में चर्चा में बना है वहीं पर सुप्रीम कोर्ट में इसे लेकर दर्ज 15 याचिकाओं पर सुनवाई का दौर जारी है।

Same Sex Marriage : आज नहीं हुआ सेम सेक्स मैरिज की कानूनी मान्यता पर फैसला! सरकार ने बताया था एलीट क्लास

नई दिल्ली। Same Sex Marriage इन दिनों समलैंगिग विवाह का मुद्दा जहां पर देश में चर्चा में बना है वहीं पर सुप्रीम कोर्ट में इसे लेकर दर्ज 15 याचिकाओं पर सुनवाई का दौर जारी है। जिसे लेकर ही आज किसी प्रकार का फैसला नहीं आने के बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 19 अप्रैल को दोबारा होगी।

इन जजों की बेंच कर रही सुनवाई

यहां पर आपको बताते चलें कि, आज मंगलवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता और सेम सेक्स मैरिज के पक्ष में लगाई गई याचिकाओं की पैरवी मुकुल रोहतगी ने की। पहले दिन सुबह 11 बजे से शुरू हुई सुनवाई पहले दोपहर 1 बजे तक चली फिर लंच के बाद दो बजे से 4 बजे तक हुई। जहां पर इस मुद्दे पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसके कौल, जस्टिस एस रवींद्र भट, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस हिमा कोहली की पांच जजों की संवैधानिक बेंच सुनवाई कर रही है जिसका फैसला आज भी नहीं आ पाया है।

केंद्र ने बताया था एलीट क्लास

आपको बताते चलें कि, इसे लेकर केंद्र किसी प्रकार से पक्ष में नहीं है तो वहीं पर बीते दिन ही केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दूसरा हलफनामा दाखिल किया था। सरकार ने कहा कि सेम सेक्स मैरिज को वैध ठहराए जाने की डिमांड सिर्फ शहरी एलीट क्लास की है। साथ ही केंद्र का कहना यह भी था कि, सभी धर्मों में विवाह का एक सामाजिक महत्व है। हिन्दू में विवाह को संस्कार माना गया है, यहां तक की इस्लाम में भी। इसलिए इन याचिकाओं को खारिज कर देना चाहिए। इस पर फैसला करना संसद का काम है। कोर्ट को इससे दूर रहना चाहिए।

जानिए किन कपल ने दायर की याचिका

आपको बताते चलें कि, यहां पर एक याचिका हैदराबाद के समलैंगिक कपल सुप्रियो और अभय की है। कपल ने अपनी याचिका में कहा है कि दोनों एक दूसरे को एक दशक से ज्यादा वक्त से जानते हैं और रिलेशनशिप में हैं। इसके बावजूद शादीशुदा लोगों को जो अधिकार मिले हैं, उन्हें उन अधिकारों से वंचित रखा गया।

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