Sambhal Jama Masjid: हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की पुनरीक्षण याचिका खारिज की, सर्वे पर रोक की मांग ठुकराई

Uttar Pradesh Sambhal Jama Masjid ASI Survey Case Update; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल जामा मस्जिद के सर्वे पर रोक लगाने की मांग वाली मुस्लिम पक्षकारों की पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया है

Sambhal Jama Masjid: हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की पुनरीक्षण याचिका खारिज की, सर्वे पर रोक की मांग ठुकराई

Sambhal Jama Masjid: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल जामा मस्जिद के सर्वे पर रोक लगाने की मांग वाली मुस्लिम पक्षकारों की पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने सोमवार को यह अहम फैसला सुनाया, जिससे मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। अब जिला अदालत द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर के जरिए प्रारंभिक सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

जांच में  कोई हस्तक्षेप नहीं 

कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह निचली अदालत द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर की जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगा। यानी अब जिला अदालत में तय प्रक्रिया के अनुसार ही मामले की अगली कार्यवाही होगी।

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एसआई से सर्वे कराने की मांग 

यह मामला तब उठा जब अधिवक्ता हरिशंकर जैन और अन्य सात लोगों ने दावा किया कि संभल की जामा मस्जिद प्राचीन हरिहर मंदिर के स्थान पर बनाई गई है। इस दावे के समर्थन में उन्होंने एएसआई से सर्वे कराने की मांग के साथ जिला अदालत में वाद दाखिल किया था। दूसरी ओर, मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है। इससे सर्वेक्षण की प्रक्रिया को हरी झंडी मिल गई है।

मामला क्यों है संवेदनशील?

यह विवाद ज्ञानवापी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों की तर्ज पर देखा जा रहा है, और इसका असर स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक महसूस किया जा रहा है। हाईकोर्ट का यह निर्णय धार्मिक ध्रुवीकरण और कानूनी प्रक्रिया दोनों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे क्या?

  • अब जिला अदालत में एडवोकेट कमिश्नर द्वारा मस्जिद परिसर का सर्वे आगे बढ़ेगा।

  • सर्वे की प्रक्रिया के बाद ही तय होगा कि दावे में कितना दम है।

  • मुस्लिम पक्ष इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख भी कर सकता है।

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