कूटनीतिक संबंधों में गतिरोध समाप्त होने की घोषणा के बाद सऊदी अरब पहुंचे कतर के शासक

अल उला (सऊदी अरब), पांच जनवरी (एपी) सऊदी अरब ने कतर के साथ वर्षों से चले आ रहे कूटनीतिक संकट को खत्म करने की घोषणा की जिसके बाद मंगलवार को कतर के अमीर सऊदी अरब पहुंचे और यहां के क्राउन प्रिंस ने गले लगाकर उनका अभिनंदन किया।

सऊदी के इस निर्णय के चलते वर्षों से चले आ रहे इस कूटनीतिक संकट को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा। इस संकट के कारण अमेरिका के रक्षा सहयोगियों के बीच गहरे मतभेद हो गये थे , सामाजिक संबंध खत्म हो चुके थे और अरब देशों का परंपरागत गठबंधन टूट गया था।

शेख तमीम बिन हमद अल थानी सऊदी अरब के प्राचीन रेगिस्तान शहर अल उला पहुंचे जिसका सीधा प्रसारण सऊदी टीवी पर किया गया। उन्हें उनके विमान से उतरते हुए और सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान द्वारा गले लगाकर उनका स्वागत करते हुए देखा गया।

कतर के अमीर खाड़ी अरब देशों के नेताओं के वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए अल उला पहुंचे हैं ताकि कतर और चार अरब देशों के बीच संबंधों में सुधार हो सके।

कुवैत और अमेरिका तीन वर्ष से भी अधिक समय पहले शुरू हुए इस संकट को खत्म करने के असफल प्रयास कर चुके हैं, हालांकि खाड़ी देशों के नेताओं के सम्मेलन से एक दिन पहले सोमवार को इस संकट को खत्म करने के लिए कदम उठाने की घोषणा की गई। यह घोषणा ऐसे वक्त की गई है जब जो बाइडन अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले हैं।

इस घोषणा का समय विशेष ही कहा जाएगा क्योंकि हो सकता है कि सऊदी अरब ट्रंप प्रशासन को एक अंतिम कूटनीतिक जीत दिलाना चाहता हो, वहीं आगामी बाइडन प्रशासन के साथ गर्मजोशी भरे संबंध बनाना चाहता हो क्योंकि ऐसा अनुमान है कि बाइडन का रूख सऊदी के प्रति सख्त हो सकता है।

सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने कतर पर इस्लामिक कट्टरपंथी समूहों को समर्थन देने का आरोप लगाते हुए उस पर प्रतिबंध लगा दिए थे जिसके चलते इस छोटे से लेकिन प्रभावशाली खाड़ी देश की एकमात्र जमीनी सीमा 2017 के मध्य से अधिकतर समय बंद ही रही है। इन देशों को कतर के ईरान के साथ अच्छे संबंधों पर भी आपत्ति है।

कतर दुग्ध उत्पादों, निर्माण सामग्री तथा अन्य वस्तुओं की आपूर्ति के लिए सऊदी से लगने वाली सीमा पर निर्भर करता है। पिछले तीन साल से इस सीमा को कुछ समय के लिए खोला जाता है ताकि कतर के लोग हज यात्रा पर सऊदी अरब जा सकें।

इस विवाद में मध्यस्थता कर रहे कुवैत के विदेश मंत्री ने इस बाबत घोषणा की। वह कथित तौर पर यह संदेश कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी को देने के लिए सोमवार को दोहा गए।

खाड़ी देशों के बीच विवाद को सुलझाने के लिए सऊदी अरब का यह फैसला अहम है लेकिन सारे मतभेद दूर होने की अभी कोई संभावना नहीं है। अबु धाबी और दोहा के बीच के मतभेद सबसे ज्यादा गहरे हैं। वहीं यूएई और कतर के बीच विवाद विचारधाराओं को लेकर है।

कुवैत की घोषणा के बाद संयुक्त अरब अमीरात के विदेशी मामलों के राज्यमंत्री अनवर गारगश ने ट्वीट किया कि उनका देश खाड़ी क्षेत्र की एकता के लिए उत्सुक है।

एपी वैभव उमा

उमा

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