Rudrastra Train:देश की पहली 354 वैगन वाली 4.5 किमी लंबी मालगाड़ी ‘रूद्रास्त्र’ ने रचा इतिहास, 200 Km सफर 5 घंटे में पूरा

Railways Longest Rudrastra Train Details Update: भारतीय रेल ने इतिहास रचते हुए 4.5 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी ‘रूद्रास्त्र’ सफलतापूर्वक चलाई। 354 वैगन और 07 इंजन से बनी यह ट्रेन डीडीयू मंडल से 200 किमी का सफर महज 5 घंटे में पूरा कर गई।

Rudrastra Train:देश की पहली 354 वैगन वाली 4.5 किमी लंबी मालगाड़ी ‘रूद्रास्त्र’ ने रचा इतिहास, 200 Km सफर 5 घंटे में पूरा

हाइलाइट्स

  • भारतीय रेल ने 4.5 किमी लंबी ‘रूद्रास्त्र’ चलाई
  • 354 वैगन और 07 इंजन से बना नया रिकॉर्ड
  • 200 किमी सफर सिर्फ 5 घंटे में पूरा

रिपोर्ट - चंद्रमौलि केशरी

Rudrasta Train:भारतीय रेल ने माल ढुलाई (Freight Train) के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश की अब तक की सबसे लंबी मालगाड़ी सफलतापूर्वक चलाई है। पूर्व मध्य रेल (East Central Railway) के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल (डीडीयू मंडल) ने 07 अगस्त 2025 को इस विशेष मालगाड़ी ‘रूद्रास्त्र’ (Rudrashtra Train) को सफलतापूर्वक संचालित किया। करीब 4.5 किलोमीटर लंबी ‘रूद्रास्त्र’ मालगाड़ी ने गंजख्वाजा स्टेशन से गढ़वा रोड तक मात्र 5 घंटे में 200 किलोमीटर की दूरी तय कर इतिहास रच दिया। 

क्या है ‘रूद्रास्त्र’? 

[caption id="attachment_874009" align="alignnone" width="1035"]publive-image देश की पहली सुपर लॉन्ग मालगाड़ी रुद्रास्त्र[/caption]

‘रूद्रास्त्र’ नामक यह सुपर लॉन्ग मालगाड़ी (Super Long Freight Train) डीडीयू मंडल की नवाचार क्षमता और प्रबंधन दक्षता का बेहतरीन उदाहरण है। आमतौर पर 6 बॉक्सन रेक को अलग-अलग चलाया जाता है, लेकिन इस बार इन्हें एक साथ जोड़कर एक ट्रेन के रूप में चलाया गया। इससे न केवल रेलवे की समय बचत हुई बल्कि माल ढुलाई क्षमता में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।

‘रूद्रास्त्र’ की प्रमुख विशेषताएं 

[caption id="attachment_874010" align="alignnone" width="1037"]publive-image रुद्रास्त्र मे कुल 254 बोगियां[/caption]

लंबाई: लगभग 4.5 किलोमीटर

कुल रेक: 6 बॉक्सन रेक

कुल वैगन: 354

इंजन: 07 शक्तिशाली इंजन

शुरुआत बिंदु: गंजख्वाजा स्टेशन (डीडीयू मंडल)

गंतव्य: गढ़वा रोड, सोननगर के रास्ते

औसत गति: 40 किलोमीटर प्रति घंटा

कुल दूरी: 200 किलोमीटर (5 घंटे में पूरी)

संचालन का रूट और विशेषता

‘रूद्रास्त्र’ को 07 अगस्त 2025 को दोपहर 2:20 बजे गंजख्वाजा स्टेशन से रवाना किया गया। यह ट्रेन पहले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) पर गंजख्वाजा से सोननगर तक चली और फिर भारतीय रेल के सामान्य ट्रैक पर गढ़वा रोड तक पहुंची। यह पहली बार है जब पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क में इतनी लंबी मालगाड़ी को एक साथ जोड़कर संचालित किया गया।

समय और संसाधनों की बचत 

[caption id="attachment_874010" align="alignnone" width="1021"]publive-image 7 मालगाड़ियों का दम के बराबर एक[/caption]

अगर इन 6 रेक को अलग-अलग चलाया जाता तो हर रेक के लिए अलग मार्ग, चालक दल और समय की आवश्यकता होती। लेकिन ‘रूद्रास्त्र’ को एक साथ चलाकर न केवल समय की बचत हुई बल्कि रेलवे ट्रैक की अधिकतम उपयोगिता भी संभव हुई। इससे अधिक मालगाड़ियां चलाने के लिए ट्रैक खाली हुआ, जिससे कोयला और अन्य आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई तेज हुई।

डीडीयू मंडल की भूमिका 

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पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल, भारतीय रेल का एक प्रमुख माल ढुलाई केंद्र है। यह विशेष रूप से धनबाद मंडल को कोयला और अन्य माल की आपूर्ति में अहम भूमिका निभाता है। यहां से खाली मालगाड़ियों की जांच और मरम्मत के बाद उन्हें समय पर रवाना किया जाता है। ‘रूद्रास्त्र’ का संचालन डीडीयू मंडल की प्रबंधन क्षमता, विभागों के बीच तालमेल और नवाचार का शानदार उदाहरण है।

पर्यावरण और भविष्य की संभावनाएं

‘रूद्रास्त्र’ जैसे प्रयास न केवल समय और संसाधनों की बचत करते हैं बल्कि रेलवे के कार्बन फुटप्रिंट को भी कम करने में मददगार हैं। इस उपलब्धि से भारतीय रेल में लंबी ट्रेनों के संचालन की नई संभावनाएं खुलेंगी और भविष्य में माल ढुलाई की रफ्तार और क्षमता दोनों में वृद्धि होगी।  

रुद्रास्त्र मालगाड़ी के महत्वपूर्ण तथ्य

रिकॉर्ड लंबाई : लगभग 4.5 किलोमीटर लंबी यह ट्रेन एशिया की सबसे लंबी मालगाड़ी बन गई है।

बोगियों की संख्या : इसमें कुल 364 मालगाड़ी बॉगी (वैगन) जोड़े गए, जिन्हें मिलाकर यह सुपर-लॉन्ग ट्रेन बनी।

इंजन की संख्या : ट्रेन को चलाने के लिए 7 लोकोमोटिव इंजन लगाए गए। इनमें आगे और बीच-बीच में इंजन लगाए गए ताकि इतनी लंबी ट्रेन को नियंत्रित किया जा सके।

मार्ग (Route) : यह ट्रेन गंजख्वाजा (उत्तर प्रदेश) से गढ़वा रोड (झारखंड) तक चलाई गई।

दूरी और समय : लगभग 200–209 किमी की दूरी इसने करीब 5 घंटे 10 मिनट में पूरी की।

औसत गति : रुद्रास्त्र की औसत रफ्तार 40–41 किमी प्रति घंटा रही।

रिकॉर्ड संचालन : इसे पंडित दीनदयाल उपाध्याय डिवीजन (East Central Railway) ने संचालित किया।

लाभ :

कम क्रू और लोको पायलट की जरूरत

ईंधन और संसाधनों की बचत

एक साथ ज्यादा माल ढुलाई

समय और लागत दोनों में कमी

वैश्विक तुलना : भारत में यह अब तक की सबसे लंबी मालगाड़ी है, लेकिन विश्व में ऑस्ट्रेलिया की खनन रेलगाड़ियाँ (7 किमी से अधिक लंबी) अभी भी सबसे लंबी हैं।

FAQ's

1. रूद्रास्त्र मालगाड़ी क्या है?

रूद्रास्त्र भारतीय रेलवे की अब तक की सबसे लंबी सुपर-लॉन्ग मालगाड़ी है, जिसकी लंबाई लगभग 4.5 किमी है और इसमें 354 वैगन व 7 इंजन लगे हैं।

2. रूद्रास्त्र ट्रेन कहाँ से कहाँ तक चली?

 यह मालगाड़ी गंजख्वाजा (उत्तर प्रदेश) से गढ़वा रोड (झारखंड) तक लगभग 200 किमी की दूरी तय कर चली।

3. रूद्रास्त्र मालगाड़ी के क्या फायदे हैं?

इस ट्रेन से एक साथ अधिक माल ढुलाई संभव हुई, समय और संसाधनों की बचत हुई, ट्रैक की उपयोगिता बढ़ी और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।

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