RSS का चौंकाने वाला दावा: भोपाल के पुराने शहर से हिंदुओं की आबादी घटी, तीन हजार परिवारों ने छोड़ा घर

Hindu Migration Bhopal; भोपाल के पुराने शहर से हिंदुओं का पलायन सबसे चिंताजनक मुद्दा है। पिछले तीन दशकों में लगभग 3,000 हिंदू परिवारों ने अपने घर बेच दिए, जिन्हें अन्य समुदायों के लोगों ने खरीद लिया।

RSS का चौंकाने वाला दावा: भोपाल के पुराने शहर से हिंदुओं की आबादी घटी, तीन हजार परिवारों ने छोड़ा घर

पुराने भोपाल से पलायन कर रहे हिंदू, RSS ने जताई चिंता।

हाइलाइट्स
  • RSS ने मध्य भारत में खोजी 103 समस्याएं।
  • पुराने भोपाल से तेजी से हो रहा हिंदूओं का पलायन।
  • RSS की शताब्दी वर्ष की बड़ी तैयारी।

Hindu Migration Bhopal: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य भारत क्षेत्र में एक सामाजिक अध्ययन कराया। जिसमें 103 प्रकार की समस्याओं की पहचान की गई।

ये समस्याएं हर जिले के अनुसार अलग-अलग हैं। संघ का दावा है कि भोपाल के पुराने शहर से हिंदुओं का पलायन सबसे चिंताजनक मुद्दा है। पिछले तीन दशकों में लगभग 3,000 हिंदू परिवारों ने अपने घर बेच दिए, जिन्हें अन्य समुदायों के लोगों ने खरीद लिया।

शाहजहानाबाद, मंगलवारा, बुधवारा में हिंदू आबादी तेजी से घटी

भोपाल के कई पुराने इलाकों जैसे शाहजहानाबाद, मंगलवारा, बुधवारा, कोहेफिजा, सिंधी कॉलोनी, कबाड़खाना, टीलाजमालपुरा, चौकसेनगर और ग्रीन पार्क कॉलोनी में हिंदुओं की संख्या में भारी गिरावट आई है।

कोहेफिजा में 1990 में हिंदू-मुस्लिम अनुपात 80:20 था। अब यह घटकर 30:70 हो गया है। इसी तरह, सिंधी कॉलोनी (जहां आरएसएस का पुराना कार्यालय था) में भी हिंदू आबादी आधी से अधिक कम हो गई है। किराएदार हिंदू परिवार भी पुराने भोपाल को छोड़कर नई बस्तियों की ओर जा रहे हैं।

एक साल में मध्य भारत में 312 नई शाखाएं खुलीं

RSS के मध्य भारत प्रांत संघचालक अशोक पांडेय ने बताया कि पिछले एक साल में मध्य भारत में संघ की 312 नई शाखाएं खोली गई हैं, जिससे कुल शाखाओं की संख्या 3,384 हो गई है। संघ 2 अक्टूबर से छह नई योजनाएं शुरू करेगा। जिनमें हिंदू सम्मेलन, सद्भाव बैठकें और पंच परिवर्तन जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा, 31 मई को भोपाल और इंदौर में अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर बड़े आयोजन किए जाएंगे।

वेबसाइट के माध्यम से 46,000 से अधिक महिलाएं संघ से जुड़ी

संघ की वेबसाइट Join RSS के माध्यम से 2012 से अब तक 12,72,453 से अधिक लोगों ने संघ से जुड़ने में रुचि दिखाई है, जिनमें 46,000 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। संघ के कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी भी बढ़ रही है, विशेषकर 14-25 आयु वर्ग के युवाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष देश भर में 4,415 प्रारंभिक वर्ग आयोजित किए गए, जिनमें 2,22,962 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

घर-घर संपर्क अभियान और समाजिक जुड़ाव बढ़ाने का लक्ष्य

अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर आरएसएस ने घर-घर संपर्क करने का निर्णय लिया है। विभिन्न सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संघ का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक अपनी पहुंच बनाना और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना है।

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