Rewa Borewell Update: 79 फीट पर बोरवेल में फंसी मासूम की सांसें, रेस्क्यू को 24 घंटे बीते, टीम हाथ से कर रही खुदाई

Rewa Borewell Update: 160 फीट गहरे बोरवेल में गिरा था मासूम, 19 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, कानून के बाद भी नहीं होती कोई कार्रवाई

Rewa Borewell Update: 79 फीट पर बोरवेल में फंसी मासूम की सांसें, रेस्क्यू को 24 घंटे बीते, टीम हाथ से कर रही खुदाई
हाइलाइट्स
  • शुक्रवार को बोरवेल में गिरा था मासूम
  • 24 घंटे से ज्यादा समय से बच्चा अंदर फंसा
  • खुला हुआ था 160 फीट गहरा बोरवेल 
Rewa Borewell Update: रीवा में 6 साल का मासूम 160 फिट गहरे बोरवेल में गिरा था।
इसके बाद 60 फीट पर जाकर पाइप में फंस गया था, लेकिन अब 10 फीट और नीचे सरक गया है।
इधर, रेस्क्यू ऑपरेशन को 24 घंटे बीत चुके हैं। अब एनडीआरएफ की टीम सुरंग बनाकर बच्चे तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। जेसीबी से खुदाई बंद कर दी गई है। टीम अब हाथों से खुदाई कर टनल बना रही है।

बच्चे के ऊपर मिट्टी आने से गहराई में पहुंचा

इससे पहले बोरवेल के पैरेलल 8 जेसीबी मशीनों ने खुदाई की गई। 60 फीट से अधिक खुदाई के बाद पानी भी निकल आया।

जिससे रेस्क्यू में दिक्कतें आई। अभी बच्चे का कोई मूवमेंट नहीं दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि उसके ऊपर मिट्टी आने से वह और गहराई में चला गया।

 मामला रीवा जिले से 90 किलोमीटर दूर त्योंथर के जनेह थाना क्षेत्र के मनिका गांव का है। जहां शुक्रवार को करीब साढ़े तीन बजे मासूम खेलते हुए गहरे बोरवेल में गिरा था। शुक्रवार की रात बच्चे की बोरवेल में गुजरी। मासूम के परिजनों का कहना है कि उन्हें ईश्वर पर भरोसा है। बच्चा जल्द बाहर आएगा।

सीएम मोहन यादव ने दिए निर्देश

घटना को लेकर सीएम मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं। सीएम के निर्देश पर डिप्टी सीएम घटना स्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उम्मीद नहीं थी ऐसा भी हो सकता है। कलेक्टर और विधायक को भी सीएम ने जरूरी निर्देश देकर कहा कि ऐसे बोरवेल को तुरंत बंद किया जाए।

रात को मौसम की वजह से रेस्क्यू हुआ धीमा

Rewa Borewell Update

रेस्क्यू टीम बोरवेल  के पास  8 जेसीबी मशीन से खुदाई कर रही है. रात के समय मौसम खराब होने की वजह से ऑपरेशन स्लो हुआ. फिलहाल बच्चे का कोई मूवमेंट कैमरे में नहीं दिखाई दे रहा है. मयंक (6) गेंहूं की बालियां बीनते समय खेत में खुले बोरवेल में जा गिरा था.

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खुले में बोरवेल पर नहीं लग रहा अंकुश

खुले बोरवेल को लेकर दिसंबर 2023 में कैबिनेट बैठक में सीएम मोहन यादव ने जिला कलेक्टरों के खुले बोरवेलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे. इसके बाद भी इस तरह की घटनाएं थमने का नाम नही ले रहीं हैं. हर साल ऐसे कई हादसे होते हैं. दिसंबर 2023 में आलीराजपुर में 5 साल के बच्चे की बोरवेल में गिरने से मौत हो गई थी. करीब साढ़े छह: घंटे के रेस्क्यू के बाद उसे निकाला गया था. अस्पताल में डाक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट की ये है गाइडलाइन

किसी भी भूस्वामी को बोरवेल के निर्माण के लिए 15 दिन पहले कलेक्टर या पटवारी को जानकारी देनी होगी. बोरवेल की खुदाई करने वाली कंपनी या मशीन ओनर को जिला प्रशासन या अन्य सक्षम कार्यालय में रजिस्टर होना अनिवार्य होगा. बोरवेल के आसपास साइन बोर्ड लगवा कर जानकारी देनी होगी. जिसमें बोरवेल करने वाली मशीन और भूमि मालिक की जानकारी दी जाए. बोरवेल के चारों ओर कटीली तारों से फेन्सिंग हो. खुले बोरवेल को ढक्कन लगाकर बंद किया जाए.

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