मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से कुपोषण में आई कमी, हितग्राहियों को मिल रहा लाभ

बालोद: जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत् हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे जो कुपोषण ग्रस्त हैं तथा 15 वर्ष से 49 वर्ष की महिलाएं जो एनीमिया से पीड़ित हैं, उन्हें कुपोषण तथा एनीमिया से मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में सभी कुपोषित बच्चों तथा एनीमिक महिलाओं का चिन्हांकन लालिमा योजना अंतर्गत किया गया है। चिन्हांकित एनीमिक महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से खून जांच कर आयरन फोलिक एसिड, कृमिनाशक गोलियां दी गई एवं गरम भोजन के माध्यम से पौष्टिक आहार चावल, रोटी, दाल, सब्जी एवं अतिरिक्त आहार के रूप में अंकुरित चना, मूंग, गुड़ फल्लीदाना देकर एनीमिया से मुक्त करने की रणनीति बनाई गई है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जिला स्तर पर मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला खनिज न्यास निधि से आंगनबाड़ी केन्द्रों में चिन्हांकित 40523 बच्चों को सप्ताह में एक दिन अण्डा प्रदाय किया गया एवं जो बच्चे अण्डा नहीं खाते ऐसे 18175 बच्चों को चिकी प्रदाय किया गया, जिससे कुपोषित बच्चों के वजन में वृद्धि हुई तथा गंभीर कुपोषित बच्चे मध्यम श्रेणी में एवं मध्यम श्रेणी के कुपोषित बच्चे सामान्य श्रेणी में आए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में वजन त्यौहार 2019 में कुपोषण की दर 20.33 प्रतिशत थी जो कि वर्तमान स्थिति में 15.69 प्रतिशत हो गई है। जो कि वजन त्यौहार 2019 की तुलना में कुपोषण की दर में 4.64 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने बताया कि डौण्डी विकासखण्ड अंतर्गत 2418 एनीमिक महिलाओं को गर्म भोजन, सूखा राशन प्रदाय किया गया है। एनीमिक महिलाओं को गरम भोजन प्रदाय करने पर महिलाओं में एनीमिया दूर हुआ है एवं हिमोग्लोबिन का स्तर बढ़ा है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि कोविड-19 की वैश्विक महामारी के दौरान आंगनबाड़ी के हितग्राहियों को पांच से छह वर्ष के बच्चे एवं गर्भवती महिलाओं को गरम भोजन आंगनबाड़ी में बना कर देने शासन से निर्देश प्राप्त हुआ। जिसके तहत परियोजना बालोद, गुरूर, गुण्डरदेही, डौण्डी, डौण्डी-2 एवं डौण्डीलोहारा के तीन-तीन पंचायत में गर्म भोजन टिफिन के माध्यम से दिए जाने हेतु योजना बनाई गई। इस प्रकार लगभग तीन से छह वर्ष तक के सामान्य एवं मध्यम कुपोषित बच्चे 2509 एवं तीन से छह वर्ष के गंभीर कुपोषित बच्चे 158 व 505 गर्भवती महिलाओं को टिफिन के माध्यम से गर्म भोजन प्रदाय किया जा रहा है। जिसमें 185 आंगनबाड़ी केन्द्रों के कार्यकर्ता द्वारा नियमित रूप से गर्म भोजन तैयार कर हितग्राहियों के घर-घर जाकर उन्हें प्रदाय किया जा रहा है। भोजन प्राप्त कर मध्यम कुपोषित बच्चे सामान्य श्रेणी में आ रहे हैं।

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