पढ़िए इंदौर की लेडी डॉन, शीला राठौर की कहानी, जो पुलिस पर कुत्ते छोड़ देती थी

पढ़िए इंदौर की लेडी डॉन, शीला राठौर की कहानी, जो पुलिस पर कुत्ते छोड़ देती थीRead the story of Sheela Rathore, Lady Dawn of Indore, who used to leave dogs on police

पढ़िए इंदौर की लेडी डॉन, शीला राठौर की कहानी, जो पुलिस पर कुत्ते छोड़ देती थी

भोपाल। आज हम स्टोरी ऑफ द डे में बात करने वाले हैं इंदौर की उस लेडी डॉन की जिसने अपने पति के हत्यारों को कोर्ट में घुसकर मार गिराया था। उसका नाम है शीला राठौर उर्फ मामी। शीला ने पति गंगाधर राठौर की हत्या के बाद काले कारोबार की कमान संभाली और उसके बाद उसने इंदौर शहर में ऐसा दबदबा बनाया कि उसके दुश्मन नाम मात्र से ही थरर्रा जाते हैं।

आपराधिक रिकॉर्ड

शीला का आपराधिक कुंडली काफी लंबा है। इस वक्त उस पर आगजनी, बलवा, मर्डर और अवैध शराब बेचने जैसे कई गंभीर आरोप हैं। वो इस काम में लगभग एक दशक से भी ज्यादा समय से जुड़ी हुई है। दरअसल, शिला का पति गंगाधर राठौर भी क्रिमिनल ही था। वह भी अवैध शराब का धंधा करता था। धंधे को लेकर ही उसकी किसी से कहासुनी हुई और फिर उसकी हत्या कर दी गई। पति के हत्या के बाद शीला राठौर ने काले कारोबार को अपने कंधे पर ले लिया। उसने अपने आसपास की बस्तियों में रहने वाले 10-12 साल के बच्चों को इस काम में लगया। बच्चों को अवैध शराब की तस्करी करने के लिए रोजाना 200-250 रूपए देने लगी।

बच्चों से करवाती है धंधा

इन बच्चों को पहले वो खाने पर बुलाती और फिर बहला फुसला कर इस अवैध धंधे में लगा देती है। वो बच्चों से कही शराब नहीं भिजवाती बल्की उन्हें लालच देकर उसके घर पर ही शराब रखवा देती है और ग्राहकों को उन बच्चों के घर पर ही भेजती है। इससे शराब की तस्करी भी हो जाती है और बच्चें कानून की नजर में भी नहीं आते। शीला ने इस धंधे में अब तक 70-80 बच्चों को जोड़ा है।

बाल्टी के सहारे बेचती थी शराब

मामी जब जेल से बाहर थी, तब वह सुबह 4 बजे से ही शराब की बिक्री शुरू कर देती थी। जो पुराने ग्राहक थे उन्हें घर पर ही बुलाकर शराब देती थी। इसके लिए उसने घर की छत को अपना अड्डा बनाया था। जहां से वो एक बाल्टी के सहारे ग्राहकों तक शराब बेचा करती थी। कोई ग्राहक जब घर के नीचे से आवाज देता था तो वो पहले खाली बाल्टी नीचे करती जिसमें ग्राहक पैसे रख देता और फिर वो बाल्टी में शराब की बोतल नीचे पहुंचा देती थी।

पुलिस से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम

पुलिस भी इस बात को जानती थी। लेकिन शीला ने पुलिस से बचने के लिए पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। उसने अपने घर के हर फ्लोर पर चैनल गेट लगा रखा था। जिसमें हमेशा ताले जड़े रहते थे। साथ ही उसने अपने घर में कई खतरनाक कुत्ते भी पाल रखे थे। अगर पुलिस उसे पकड़ने के लिए घर में घुंसती भी थी तो वह भागने में कामयाब हो जाती थी। क्योंकि जबतक पुलिस सारे चैनल गेट को खोलती और उन खतरनाक कुत्तों से पार पाती, तब तक शीला आसपास रहने वाले लोगों के समर्थन से भाग जाती। इतना ही नहीं जब पुलिस उसके घर पर छापा मारने जाती तो गली की महिलाएं पुलिस को घेरकर खड़ी हो जाती थी।

आजीवन कारावास की मिली है सजा

गंगाधर राठौर की हत्या होने के बाद उसके साथियों ने इस विरासत को संभालने के लिए शीला राठौर उर्फ मामी को कहा जिसके बाद वह भी अपराध की दुनिया में कूद गई। उसने जून 2008 में अपने साथियों के साथ मिलकर सुभाष चौहान का मर्डर कर दिया। इस मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई। हालांकि बाद में कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली और वो रिहा हो गई। रिहा होते ही उसने अपने पति के काले कारोबार को फिर से शुरू कर दिया। इस वक्त वो एक पुराने मामले में जेल की हवा खा रही है।

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