Vastu Tips: क्या आप भी बाथरूम में रखते हैं खाली बाल्टी? सुख-शांति में आ सकती है बाधा, जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र

Bathroom Vastu Tips: जब भी घर का जिक्र होता है, तो हमारे दिमाग में ड्रॉइंग रूम, किचन या फिर बेडरूम का ही ध्यान आता है। घर की साज-सज्जा हो या फिर वास्तु दोष, हमारा फोकस इन्हीं कमरों पर अधिक रहता है।

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Bathroom Vastu Tips: जब भी घर का जिक्र होता है, तो हमारे दिमाग में ड्रॉइंग रूम, किचन या फिर बेडरूम का ही ध्यान आता है। घर की साज-सज्जा हो या फिर वास्तु दोष, हमारा फोकस इन्हीं कमरों पर अधिक रहता है। लेकिन एक जगह ऐसी भी है जिसे हम लगभग नजरअंदाज कर देते हैं, दरअसल वह जगह बाथरूम है। 

वास्तु शास्त्र के मुताबिक, बाथरूम सिर्फ नहाने की जगह नहीं होती है, बल्कि इसका सीधा असर घर की आर्थिक स्थिति, मानसिक शांति और स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। छोटी-छोटी आदतें, जिसे हम अक्सर आजरंदाज कर देते हैं वहीं हमें आगे आकर परेशान कर देती है। जैसे बाथरूम में खाली बाल्टी छोड़ना अनजाने में बड़े वास्तु दोष की वजह   बन जाती हैं।

बाल्टी रखना क्यों माना जाता है अशुभ?

Bathroom Vastu Tips:
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दरअसल, वास्तु शास्त्र में जल को समृद्धि, ऊर्जा और सकारात्मक प्रवाह का प्रतीक माना जाता है। कहते हैं जहां पर पानी होता है, वहां जीवन और संतुलन बना रहता है। लेकिन जब बाथरूम में बाल्टी खाली पड़ी हो, तो यह अभाव और खालीपन का संकेत बना देती है।

वास्तु विशेषज्ञों की मानें तो खाली बाल्टी घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकती है। इसके साथ ही यह आर्थिक तंगी और अनावश्यक खर्च बढ़ने का भी संकेत मानी जाती है। वहीं इसके कारण घर में नकारात्मक माहौल और मानसिक बेचैनी बढ़ सकती है

कई बार लोग रात में नहाने के बाद बाल्टी को ऐसे ही खाली छोड़ देते हैं। लेकिन वास्तु के मुताबिक रात के वक्त खाली बर्तन रखना अशुभ माना गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाली बाल्टी सिर्फ धन से जुड़ा कोई विषय नहीं, बल्कि इसका संबंध मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं से भी है। ज्योतिष शास्त्र में जल तत्व का संबंध चंद्रमा से बताया गया है। जो हमारे मन, भावनाओं और मानसिक स्थिरता का कारक होता है। ऐसे में खाली बर्तन या फिर बाल्टी चंद्र दोष को बढ़ा सकती है, जिससे अनिद्रा की समस्या, चिड़चिड़ापन, घर में बेवजह तनाव, मानसिक अशांति जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं।

बाल्टी का रंग और स्थिति भी है महत्वपूर्ण

वास्तु शास्त्र में सिर्फ बाल्टी का खाली या भरा होना ही मायने नहीं रखता, बल्कि बाल्टी का रंग और हालत भी जरूरी होते हैं।  

नीले रंग की बाल्टी क्यों मानी जाती है शुभ?

बता दें कि, नीला रंग जल तत्व का प्रतीक होता है। बाथरूम में नीली बाल्टी रखने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। माना जाता है कि इससे राहु-केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। इतना ही नहीं मानसिक संतुलन और शांति भी बनी रहती है। 

टूटी या गंदी बाल्टी से बचें

टूटी-फूटी या फिर बहुत पुरानी बाल्टी वास्तु दोष बढ़ाती है। वहीं गंदी बाल्टी घर में दरिद्रता और नकारात्मकता को बढ़ाती  है। बाल्टी हमेशा साफ, साबुत और उपयोग योग्य होनी चाहिए। 

वास्तु के अनुसार सही आदत क्या होनी चाहिए?

वास्तु के हिसाब से बाथरूम में बाल्टी हमेशा थोड़े पानी से भरी रखें। इसके साथ ही रात में सोने से पहले बाल्टी खाली न छोड़ें, नीले या फिर हल्के रंग की बाल्टी का इस्तेमाल करें
समय-समय पर बाल्टी बदलते रहें और साफ रखें। 

यह छोटी-छोटी आदतें ही हमारे जीवन में बड़े बदलाव लाती हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि आपके घर में सुख, शांति और आर्थिक स्थिरता बनी रहे, तो बाथरूम से जुड़ी इन वास्तु बातों को नजरअंदाज न करें।

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