रमानी ने मुझे बिना आधार के ‘यौन शिकारी’ कहा : अकबर ने अदालत से कहा

नयी दिल्ली, चार जनवरी (भाषा) पूर्व केंद्रीय मंत्री एम. जे. अकबर ने सोमवार को यहां एक अदालत में कहा कि पत्रकार प्रिया रमानी ने उन्हें बिना किसी जांच या आधार के ‘मीडिया का सबसे बड़ा यौन शिकारी’ कहा था।

अकबर ने रमानी के खिलाफ एक आपराधिक मानहानि के मामले में अंतिम सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील गीता लूथरा के माध्यम से यह दलील रखी। रमानी ने अकबर पर 20 साल पहले यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।

रमानी ने 2018 में ‘मीटू’ मुहिम के मद्देनजर अकबर के खिलाफ यौन कदाचार के आरोप लगाये थे।

लूथरा ने रमानी के उस ट्वीट का जिक्र किया जिसमें अकबर को ‘मीडिया का सबसे बड़ा यौन शिकारी’ कहा गया है।

उन्होंने अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार के समक्ष कहा, ‘‘जो कहा गया है, उसे देखें तो यह निष्कर्ष निकलता है कि यह शिकारी है? किस आधार पर? बिना किसी जांच या आधार के ये सभी बयान दिये गये।’’

उन्होंने अकबर के इस्तीफे पर रमानी के ट्वीट को पढ़ते हुए उसे ‘अपरिपक्व’ करार दिया।

लूथरा ने कहा, ‘‘यह अदालत के बाहर ट्रायल है। अदालत में उचित प्रक्रिया चल रही है। कोई खुद कानून नहीं बन सकता। यह (ट्वीट) गलत था।’’

वरिष्ठ वकील ने रमानी पर अदालत के सामने सच नहीं बोलने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पूछा कि क्या तुमने भूल सुधार जारी किया था। उन्होंने कहा कि हां। मैंने कहा दिखाओ तो उन्होंने कहा कि मैं अगली तारीख पर दिखाऊंगी। वह जानती थीं कि उन्होंने कोई भूल सुधार जारी नहीं किया है।’’

लूथरा के अनुसार, ‘‘वह कहती हैं कि उनके पक्ष में कही गयी बातें सही हैं लेकिन वह जानती हैं कि यह सच नहीं है। केवल जिरह में वह कहती हैं कि यह सच नहीं है। यह गवाह के तौर पर उनकी प्रामाणिकता को दिखाता है।’’

अदालत मामले में सात जनवरी को सुनवाई फिर शुरू करेगी।

अकबर ने 15 अक्टूबर, 2018 को रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर की थी।

अकबर ने 17 अक्टूबर, 2018 को केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।

भाषा वैभव नीरज

नीरज

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