Raman Forensic Spectrometer : भोपाल एम्प्री ने तैयार किया देश का पहला स्वदेशी रमन स्पेक्ट्रोमीटर, तीन बड़े संस्थानों ने शुरू किया इस्तेमाल

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Raman Forensic Spectrometer : भोपाल एम्प्री ने तैयार किया देश का पहला स्वदेशी रमन स्पेक्ट्रोमीटर, तीन बड़े संस्थानों ने शुरू किया इस्तेमाल

भोपाल। Raman Forensic Spectrometer  अब अपराधों के निराकरण और जांच की प्रक्रिया MP BREAKING NEWS  और अधिक आसान होने वाली है। अब क्राइम की जांच के लिए लिए गए कपड़े, दवाइयों, ब्लड सैंपल आदि की जांच बेहद आसान होने वाली है। जी हां इसके लिए भोपाल एम्प्री में देश का पहला स्वदेशी रमन फारेंसिक स्पेक्ट्रोमीटर तैयार किया गया है। जो चंद मिनटों में सैंपल की जांच करेगा। पूरी 100 प्रतिशत एक्यूरेसी के साथ। आपको बता दें इस स्पेक्ट्रोमीटर ने यूएस, यूके और जापान के स्पेक्ट्रोमीटर को पीछे छोड़ दिया है।

इसलिए है खास — Raman Forensic Spectrometer
आपको बता दें अभी तक जो स्पेक्ट्रोमीटर इस्तेमाल किए जाते हैं उन्हें यूएस, यूके और जापान से खरीदा जाता है। लेकिन इनकी सत्यता भी सौ प्रतिशत नहीं होती है। लेकिन राजधानी के सीएसआईआर एम्प्री (एडवांस मटेरियल एंड प्रोसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट) CSIR Empree द्वारा जो स्पेक्ट्रोमीटर तैयार किया गया है वह देश का पहला ऐसा स्वदेशी रमन फारेंसिक स्पेक्ट्रोमीटर तैयार किया है। जिसकी सत्यतता 100 प्रतिशत होगी।

भारतीय जरूरतों के हिसाब से बनाई गई — Raman Forensic Spectrometer
आपको बता दें अभी तक जो स्पेक्ट्रोमीटर इस्तेमाल होते थे वे इंटरनेशनल स्तर के थे। लेकिन अब भोपाल में जो स्पेक्ट्रोमीटर तैयार किया गया है वह भारतीय जरूरतों के हिसाब से हैं। इसका उपयोग देश के तीन बड़े संस्थानों इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल बायोलॉजी कोलकाता, आईसर पुणे और मैनिट भोपाल ने शुरू भी कर दिया है।

सत्यता होगी प्राथमिकता — Raman Forensic Spectrometer
आपको बता दें देश के ये तीन ऐसे संस्थान है जिनके द्वारा अनुसंधान के मामले में विश्वसनीयता का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसे रमन स्पेक्ट्रोमीटर नाम दिया गया है। आपको बता दें इसकी खास बात यह है कि यह भारतीय जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। इससे किसी वस्तु की शुद्धता और गुणवत्ता की जांच हो सकेगी।

शत-प्रतिशत एक्यूरेसी — Raman Forensic Spectrometer
विशेषज्ञों के अनुसार अभी तक यूएस, यूके, जापान आदि देशों से जो स्पेक्ट्रोमीटर खरीदे जाते थे। उनमें आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए इंजीनियर्स बड़ी मुश्किल से मिलते हैं। लेकिन स्वदेशी रम स्पेक्ट्रोमीटर की खासियत ये होग कि इसमें नए—नए एप्लीकेशन को बड़ी आसानी से जोड़ा जा सकेगा। वर्ष 2016 से शुरू हुआ ये प्रोजेक्ट कंप्लीट हो चुका है। जो शत-प्रतिशत एक्यूरेसी के साथ रिजल्ट देगा।

कैसे करता है काम — Raman Forensic Spectrometer BHOPAL 
रमन स्पेक्ट्रोमीटर को तैयार करने वाली टीम के डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि यह स्पेक्ट्रोमीटर को महान वैज्ञानिक सीवी रमन के स्क्रेटिंग ऑफ लाइट को आधार मानकर बनाया गया है। उनके अनुसार कोई भी माॅलिक्यूल लाइट से कलर बनाते हैं। ये इस बात को जानने का आधार होता है कि संबंधित मटेरियल में कौन-कौन से तत्व मिले हैं। एम्प्री की इस स्वदेशी मशीन को देश के बड़े संस्थानों की वैज्ञानिकों की कमेटी द्वारा अप्रूव कर दिया गया है। इतना ही नहीं इसे इंटरनेशनल जर्नल में बेंच मार्क के रूप में शामिल कर लिया गया है।

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