Ram Bai Story: पथरिया विधायक राम बाई की कहानी, जानिए आजकल चर्चा में क्यों बनी हुई हैं

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Ram Bai Story: पथरिया विधायक राम बाई की कहानी, जानिए आजकल चर्चा में क्यों बनी हुई हैं

Image source- Rambai singh parihar

भोपाल। राम बाई इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही हैं। एक तरफ जहां कुछ लोग उन्हें 10वीं की परीक्षा में फेल होने पर ट्रोल कर रहे हैं। तो दूसरी तरफ कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो उनका हौसला अफजाई कर रहे हैं। आईपीएस अधिकारी दीपांशु काबरा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि "आप तब तक नहीं हारते, जब तक कि आप लड़ना नहीं छोड़ते"। ऐसे में आज हम स्टोरी ऑफ द डे में बात करेंगे राम बाई (Ram Bai) की।

अपने अंदाज को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं
राम बाई का पूरा नाम, राम बाई गोविंद सिंह परिहार है। वो मध्य प्रदेश में मयावती की पार्टी बसपा से निष्कासित विधायक हैं। वो साल 2018 में पहली बार दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से विधायक बनी हैं। राम बाई अक्सर अपने अंदाज को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं। इलाके के लोगों को उनका अलग अंदाज पसंद आता है। उन्हें अक्सर अधिकारियों और कर्मचारियों पर रौब दिखाते हुए देखा जा सकता है। हालांकि वो ऐसा लोगों की मदद के लिए ही करती हैं। उनका आए दिन धमकी भरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी होता है।

चर्चा में क्यों हैं?
दरअसल, पथरिया विधायक ने अपनी छूटी हुई पढ़ाई को पूरा करने का फैसला किया था। इसके लिए उन्होंने राज्य ओपन बोर्ड द्वारा आयोजित 10वीं की परीक्षा में बैठने का फैसला किया। उन्होंने इसके लिए तैयारी भी की थी और फिर एग्जाम दिया था। लेकिन जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। वह साइंस में एक नंबर से फेल हो गईं। इसके बाद से कुछ लोग उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल करने लगे। गौरतलब है कि परीक्षा से पहले राम बाई ने पूरी तैयारी भी की थी और इसके लिए उन्हें उनकी बेटी ने पढ़ाया था। लेकिन महज एक नंबर से वो साइंस विषय में फेल हो गई। जिसके बाद बोर्ड ने उन्हें ग्रेस मार्क देकर पास कर दिया है।

सोशल मीडिया पर जैसे ही लोग राम बाई को ट्रोल करने लगे। वैसे ही आईपीएस अधिकारी दीपांशु काबरा ने उनका बचाव करते हुए लिखा, राम बाई समाज के लिए मिसाल हैं। जरा सोचिए अगर आप उनकी जगह होते, तो अब तक लड़ने की हिम्मत जुटा पाते? ईश्वर उन्हें सफल बनाएं।

बुंदेलखंड के इलाके पर उनके परिवार का है दबदबा
बतादें कि राम बाई उस इलाके से ताल्लुक रखती हैं। जो पहले से ही अपराध के लिए बदनाम है। कहा जाता है कि बुंदेलखंड के इस इलाके पर उनके परिवार का नियंत्र है।
प्रदेश में सत्ता किसी की भी हो इनके परिवार का दबदबा बरकरार रहता है। हाल ही में उनके पति और देवर का नाम कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या में भी सामने आया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इस वक्त उनके खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज हैं। वहीं एक ट्रिपल मर्डर कांड में गोविंह सिंह को आजीवन कारावास की सजा भी हुई है। हालांकि उन्होंने कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और वो वक्त जमानत पर जेल से बाहर हैं।

खुलकर बोलती हैं।
वहीं अगर राम बाई की बात करें तो वो भी एक दबंग छवि की नेता हैं। ना तो किसी से डरती हैं और ना ही किसी से कुछ कहने में हिचकती हैं। प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार थी तो उन्होंने मंत्री पद के लिए खुलेआम कहा था कि अगर ऐसा नहीं होता तो सरकार खतरे में है। वहीं नागरिकता कानून के मसले पर भी उन्होंने अपना विचार अपनी पार्टी से अलग रखा था। उन्होंने कानून लागू करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया था और कहा था कि ये बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था। इस बयान के बाद बसपा ने उन्हें पार्टी ने निष्कासित कर दिया था।

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