/bansal-news/media/post_attachments/wp-content/uploads/2024/07/66666666666666666666666-1.jpg)
Rajasthan Politics: जहां बीते दिनों राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच तीखें बयानों का दौर चला था। गहलोत ने सचिन को गद्दार कह दिया था जिसके बाद पायलट ने भी जवाब देते हुए कहा था कि ये उनपर शोभा नहीं देता है। जिसके बाद ये कयास लगाए जाने लगे कि कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। लेकिन बीते मंगलवार कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ ये दोनों मंच साक्षा करते दिखे।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट ने एक साथ हाथ जोड़ एकता का प्रदर्शन किया। इस दौरान केसी वेणुगोपाल ने "पार्टी की संपत्ति" के रूप में वर्णित करने वाले बयान को दोहराया। यह संदेश देने की कोशिश करते हुए कहा कि कि पार्टी सर्वोच्च है और राज्य के नेता 2023 के विधानसभा चुनाव जीतने के लिए एकजुट हैं। वेणुगोपाल ने कहा, "हम एकजुट हैं। यहां अशोक जी और सचिन पायलट जी ने कहा है कि राजस्थान में कांग्रेस पार्टी एकजुट है। राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों ही पार्टी के लिए संपत्ति हैं।"
गहलोत ने कहा, "राहुल गांधी ने कल कहा था कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट पार्टी के लिए संपत्ति हैं। यह हमारी पार्टी की विशेषता है कि जब नेता का संदेश आता है तो वह नीचे तक जाता है और हम पार्टी की भलाई के लिए मिलकर काम करते हैं।" बता दें कि इस वक्त कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा मध्यप्रदेश में पहुंच चुकी है। बीते मंगलवार को ही राहुल गांधी ने उज्जैन स्थित महाकाल के दर्शन किया।
जानें हालिया विवाद
गौरतलब है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच बयानबाजी बीते गुरुवार को शुरू हुई थी। पहले सीएम ने सचिन पायलट पर हमला बोलते हुए उन्हें गद्दार करार दिया था। उन्होंने कहा था कि सचिन पायलट ने गद्दारी की है, पार्टी से धोखा किया, उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बना सकते वे गद्दार हैं। जिसके जवाब में सचिन पायलट ने पलटवार करते हुए सीएम को नसीहत देते हुए कहा था कि उन्हें इस तरह के बचकाने बयान से बचना चाहिए।
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us