कौन है निर्मला कामड़, जिसने बांटी दशरथ की औलाद नहीं थे राम, बलात्कारी थे ब्रह्मा वाली किताब

Nirmala Kamad : राजस्थान के भीलवाड़ा के एक सरकारी स्कूल की शिक्षका ने एक विवादित किताब बांटकर ववंडर खड़ा कर दिया है। सरकारी स्कूल के बच्चों को हिंदू विरोधी किताब बांटने वाली शिक्षका निर्मला कामड़ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। निर्मला कामड़ को कोर्ट में पेश किया गया लेकिन अदालत ने उसे जमानत देने से इनकार कर दिया है। निर्मला कामड़ पर हिंदू देवी देवताओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है।

क्या है विवदित किताब में?

निर्मला कामड़ द्वारा बांटी गई किताब का नाम ‘हिन्दुइज्म धर्म या कलंक’ है। बताया जा रहा है कि निर्मला ने बच्चें को ना सिर्फ किताब बांटी वल्कि बच्चों को किताब पढ़ने के लिए मजबूर किया। निर्मला ने जो किताब बांटी है, वह नागपुर के समता पब्लिकेशस द्वारा प्रकाशित किया गया है। किताब के कवर में जवाहर लाल नेहरू का हवाला से एक कोट है। इसमें कहा गया है, “हिन्दू धर्म निश्चित तौर पर उदार व सहनशील नहीं है। हिन्दू से ज्यादा संकीर्ण व्यक्ति दुनिया में कहीं नहीं है।” खबरों के अनुसार शिक्षिका ने बच्चों से कहा था कि ये किताबब लो, जो भी दिमाग में होगा वह बाहर निकल जाएगा। इतना ही नहीं निर्मला ने बच्चों से कहा कि भगवान राम राजा दशरथ की औलाद नहीं थे। वही ब्रह्मा जी देवता नहीं हैं। ब्रह्मा ने अपनी बेटी के साथ बलात्कार किया है।

कौन है निर्मला कामड़

बता दें कि निर्मला कामड़ भीलवाड़ा के आसींद में आने वाले रूपपुरा गांव में स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के पद पर पदस्थ है। यह भी बता दें कि निर्मला कामड़ ने मामले को उनके खिलाफ साजिश बताया है। निर्मला का कहना है कि कुछ लोग उनके रहन सहन और पहनावे को लेकर जलन रखते है। इसलिए ऐसे लोगों ने उनके खिलाफ साजिश रची है।

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