रायपुर में पथ विक्रेता संघों ने खोला मोर्चा: पथ विक्रेता कानून लागू करने निकाली पदयात्रा, कमीशनखोरी का लगाया आरोप

Raipur street vendors associations Demonstration: पथ विक्रेता संघों ने निकाली कानून लागू करने पदयात्रा, कमीशनखोरी का लगाया आरोप

Raipur street vendors associations Demonstration

Raipur street vendors associations Demonstration: छत्तीसगढ़ में पथ विक्रेता कानून 2014 लागू करने की मांग को लेकर पथ विक्रेता संघों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कई पथ विक्रेता संघों ने जीई रोड के अनुपम गार्डन से रायपुर नगर निगम मुख्यालय तक पदयात्रा निकाली। इस दौरान पथ विक्रेताओं ने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

करीब तीन किमी की इस पदयात्रा में फुटकर क्लयाण संघ, छत्तीसगढ़ हॉकर्स फेडरेशन और पथ विक्रेता कल्याण संघ के पदाधिकारियों समेत NIT, आयुर्वेद कॉलेज, साइंस कॉलेज और GE रोड के स्ट्रीट वेंडर्स शाामिल हुए।

शहर में ठेलों- गुमटियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं

शहर में बढ़ती आबादी के साथ-साथ पथ विक्रेताओं की संख्या भी बढ़ रही है। इन ठेलों और गुमटियों के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं होने के चलते ये सड़कों के किनारे ठेले लगाते हैं, जिससे यातयात प्रभावित होता है और आने-जाने वाले लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। अवैध अतिक्रमण के लिए निगम समय-समय पर ठेलों-गुमटियों पर चलानी कार्रवाई भी करती है, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। इसी के विरोध में आज सभी ने निगम के खिलाफ मोर्चा खोला।

[caption id="attachment_704484" align="alignnone" width="873"]publive-image पथ विक्रेता संघों के कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए।[/caption]

पथ विक्रेता कानून 2014 अभी तक नहीं हुआ लागू

पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता एवं हॉकर्स फेडरेशन के अध्यक्ष गौतम गंगोपाध्याय ने कहा, स्मार्ट सिटी बनाने का मास्टर प्लान सिर्फ कमीशन का खेल है, जिससे पूरा शहर बर्बाद किया जा रहा है। जो मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, वहां कहीं पर भी पथ विक्रेता के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। 2014 के बाद से दो सरकारें बन गई, लेकिन किसी ने भी पथ विक्रेताओं की समस्याओं को नहीं समझा और ना ही साथ दिया।

अवैध अतिक्रमण के नाम झेलनी पड़ती है जिल्लत

वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं सामाजिक चिंतक वीरेंद्र पांडेय ने बताया, पथ विक्रेताओं के लिए कानून होने के बाद भी इसे लागू नहीं किया जा रहा। नियम यह है कि जब तक व्यवस्थापन का इंतजाम नहीं होता तब तक किसी को हटाया नहीं जा सकता, लेकिन अवैध अतिक्रमण के नाम पर पुलिस प्रशासन ठेला उठा ले जाते हैं। पूरा सामान भी वापस नहीं करते। इससे रोज कमाने खाने वाले लोगों को काफी नुकसान होता है।

यह हैं मांगें

पथ विक्रेता कानून 2014 लागू किया जाए। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन्स के तहत कानून बना हुआ है। इसके मुताबिक पथ विक्रेताओं के लिए प्लान किया जाना चाहिए। बढ़ती आबादी के साथ ऐसा शहर बनाना बेहद जरूरी है, जहां व्यापारी, ठेले सब व्यवस्थित रहें। शहर का सौंदर्य बना रहे। यातायात सुगम रहे और बाकियों का जीवन भी चलता रहे। ऐसे शहर नियोजन की जरूरत है।

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निगत अफसरों से मुलाकात, जल्द होगी बैठक

मांगों को लेकर पथ कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने निगम उपायुक्त विनोद पांडेय और राजेंद्र गुप्ता से मुलाकात की, जहां पथ विक्रेताओं के व्यवस्थापन की सही व्यवस्था पर विचार करने जल्द बैठक कर ठोस फैसला लेने का आश्वासन दिया गया। यह जानकारी हॉकर्स फेडरेशन के अध्यक्ष गौतम गंगोपाध्याय ने दी।

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