Raipur Nagar Nigam Leader Opposition Dispute: सचिन पायलट नाराज, कांग्रेस तीसरे को बनाएगी नेता प्रतिपक्ष!

Raipur Nagar Nigam Leader Of Opposition Controversy; छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष को लेकर कांग्रेस पार्टी में विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है

Raipur Nagar Nigam

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Raipur Nagar Nigam: छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष (Raipur Nagar Nigam) को लेकर कांग्रेस पार्टी में विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। पार्टी के भीतर दो धड़ों के बीच खींचतान के चलते मामला इतना उलझ गया है कि अब एक तीसरे नाम की चर्चा तेज हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट इस विवाद से नाराज हैं। वे 8 मई को छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं और माना जा रहा है कि उससे पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) कोई ठोस फैसला ले सकती है।

कमेटी ने की वन-टू-वन चर्चा

पार्टी ने विवाद को खत्‍म करने के लिए कमेटी बनाई, जिसने शनिवार को सभी कांग्रेस पार्षदों से व्यक्तिगत चर्चा की। कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी।

तीसरे विकल्प की संभावना

जानकारी है कि पार्टी अब किसी तीसरे नाम पर विचार कर रही है ताकि आंतरिक टकराव (Raipur Nagar Nigam) को खत्म किया जा सके। दोनों पक्षों में किसी को भी चुना गया तो असंतोष की आशंका बनी हुई है।

इस्तीफा देने वाले पार्षद अड़े रहे

कमेटी के सामने संदीप साहू समेत 5 इस्तीफा देने वाले पार्षदों ने दो टूक कहा कि वे आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष स्वीकार नहीं करेंगे। हालांकि, पार्टी के किसी अन्य पार्षद को बनाए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

दो पार्षद रहे तटस्थ

पार्षद अर्जुमन एजाज ढेबर और शेख मुशीर ने न तो आकाश के समर्थन में कुछ कहा और न ही संदीप के विरोध में। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के साथ हैं और जो निर्णय होगा, उसका सम्मान करेंगे।

स्‍थानीय नेताओं की लॉबियों के चलते विवाद

यह विवाद ऊपर से भले ही दो युवाओं संदीप और आकाश (Raipur Nagar Nigam) के बीच दिखता हो, लेकिन असल में इसके पीछे प्रदेश कांग्रेस और स्थानीय नेताओं की लॉबिंग है। एक ओर PCC आकाश को समर्थन दे रही है, वहीं स्थानीय नेता संदीप के पक्ष में खड़े हैं।

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कैसे शुरू हुआ विवाद?

पूर्व एमआईसी सदस्य रहे आकाश तिवारी का टिकट काटा गया, जिससे नाराज होकर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत भी गए। इसके बाद वे दोबारा कांग्रेस से संपर्क में आए और फिर नेता प्रतिपक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे हो गए। यहीं से पार्टी और कांग्रेस पार्षदों में विरोध और विवाद की वजह बनी।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

कांग्रेस ने निगम (Raipur Nagar Nigam) में संदीप साहू को नेता प्रतिपक्ष बना दिया।

उन्होंने सामान्य सभा में जिम्मेदारी भी संभाली।

पार्टी ने अचानक आकाश तिवारी का नाम जारी किया।

साहू समाज ने आकाश के नाम पर विरोध जताया

आकाश तिवारी ने चुनाव निर्दलीय लड़ा था

संदीप के समर्थन में 5 पार्षदों ने इस्तीफा दिया

अब सिर्फ 3 पार्षद निभा रहे हैं विपक्ष की भूमिका

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