Raipur 11kg Ka Laddu Nilami: रायपुर में 10 सितंबर को होगी 11 किलो के लड्डू की नीलामी, 21 दिनों तक मनाया जाएगा गणेशोत्सव

Raipur 11kg Ka Laddu Nilami: रायपुर में इस बार गणेशोत्सव खास है। राजधानी के प्रमुख मंदिर में 21 दिन तक भव्य आयोजन होंगे। 10 सितंबर को भगवान को अर्पित 11 किलो का लड्डू नीलामी के लिए रखा जाएगा।

Raipur 11kg Ka Laddu Nilami

Raipur 11kg Ka Laddu Nilami

हाइलाइट्स 

  • 10 सितंबर को 11 किलो लड्डू की नीलामी होगी

  • मंदिर में 21 दिन तक गणेशोत्सव का आयोजन

  • रोजाना अलग-अलग सामग्री से भगवान का विशेष श्रृंगार

Raipur 11kg Ka Laddu Nilami: राजधानी के एक प्रमुख मंदिर में इस बार गणेशोत्सव का रंग कुछ अलग दिख रहा है। यहां 21 दिन तक चलने वाले विशेष कार्यक्रमों के बीच 10 सितंबर को भगवान को अर्पित 11 किलो का लड्डू नीलाम किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण होगा। मंदिर समिति ने बताया है कि यह परंपरा अनेक सालों से चल रही है और श्रद्धालु उत्साह के साथ हिस्सा लेते हैं; इस वर्ष भी श्रृंगार, अभिषेक और भव्य महाआरती के साथ श्रद्धालुओं का सैलाब देखने को मिलेगा।

[caption id="attachment_887092" align="alignnone" width="1043"]publive-image गणेश प्रतिमा[/caption]

मंदिर की अनूठी परंपरा और प्रतिमा की कहानी

यह मंदिर अपनी 5.5 फीट ऊंची, काले ग्रेनाइट से बनी प्रतिमा के लिए पहचाना जाता है, जिसे सितंबर 2008 में आंध्रप्रदेश के राजमुंदरी से लाकर प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी। मंदिर समिति और आंध्रा एसोसिएशन के अध्यक्ष जी. स्वामी के अनुसार प्रतिमा की खास बात यह है कि इसे प्रतिदिन अलग-अलग सामग्री से श्रृंगार किया जाता है।

कुमकुम, हल्दी, चंदन और भस्म से अलग-अलग दिन भगवान का रूप बदलता दिखाई देता है, जिससे भक्तों को आश्चर्य और श्रद्धा के साथ दर्शन का अनुभव मिलता है। इस बार शुक्रवार को पूरे विग्रह पर 5 किलो कुमकुम का लेप किया गया, जो उत्सव की भव्य परंपरा को दर्शाता है।

11 किलो के लड्डू की नीलामी की परंपरा

10 सितंबर की शाम को पंडितों के साथ पंचामृत अभिषेक के बाद 11 किलो का विशेष लड्डू भगवान को भोग के तौर पर अर्पित किया जाएगा और तत्पश्चात यह लड्डू नीलामी के लिए रखा जाता है। (Prasad Auction) यह नीलामी केवल भक्तों की आस्था का उत्सव नहीं, बल्कि मंदिर के संचालन व समाजिक कल्याण के लिए दान का अवसर भी बनती है।

अधिकतम बोली लगाने वाला भक्त यह लड्डू अपने समाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों या निजी भोग के लिए ले जाता है। जो भक्त नीलामी में हिस्सा लेना चाहते हैं, उनसे अनुरोध है कि वे मंदिर समिति से अग्रिम पंजीकरण करवा लें और नीलामी के नियम पहले से प्राप्त कर लें ताकि सब कुछ पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से हो सके।

[caption id="attachment_887093" align="alignnone" width="1183"]publive-image गणेश प्रतिमा[/caption]

21 दिनों का कार्यक्रम

मंदिर में 21 दिन तक भगवान का भव्य श्रृंगार, प्रतिदिन की महाआरती और विशेष पूजाएँ रखी गई हैं। समारोह के प्रमुख कार्यक्रमों में श्रीचक्र पूजा और सुंदरकांड पाठ, 1100 लड्डुओं से भगवान का अभिषेक, नवग्रह अभिषेक, मणिव्दीप पूजा व हवन, श्री गणपति कल्याणम्, तथा महिलाओं द्वारा विशेष भजन और सर्वदेवता भजन शामिल हैं।

3 सितंबर को 1100 लड्डुओं के साथ विशेष अभिषेक होगा और 10 सितंबर का दिन पंचामृत अभिषेक व 11 किलो लड्डू समर्पण-नीलामी के लिए समर्पित है; इसके बाद 12 से 14 सितंबर तक महालक्ष्मी पूजा और महिलाओं के भजन कार्यक्रम होंगे, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ सामुदायिक जुड़ाव भी देंगे।

अगर आप दर्शन/नीलामी में भाग लेना चाहते हैं तो क्या करें

पहली बात, यात्रा की योजना पहले से बनाएं: मंदिर के व्यस्ततम दिनों और समयों की जानकारी लेकर सुबह-शाम की भीड़ से बचने का प्रयास करें, और नीलामी में भाग लेने वाले भक्तों के लिए मंदिर समिति द्वारा जारी पंजीकरण निर्देशों का पालन अवश्य करें।

दूसरी बात, प्रसाद-नीलामी में हिस्सा लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज (पहचान पत्र) साथ रखें और नीलामी के नियमों के अनुसार बोली करें। यदि कोई ऑनलाइन या ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया है तो समय रहते पूरी कर लें।

तीसरी बात, यदि आप भोग अर्पित करना चाहते हैं तो मंदिर समिति के निर्दिष्ट समय और सामग्री नियमों का सम्मान करें और बड़ी सामग्रियों (जैसे 11 किलो लड्डू) के लिए विशेष व्यवस्था के संबंध में समिति से पूर्व संवाद कर लें। चौथी और अत्यंत महत्वपूर्ण बात यह कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के निर्देशों का पालन करें। मंदिर के स्वयंसेवक/प्रशासन जो दिशा-निर्देश देंगे उन्हें मानें और विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें।

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14 तक विशेष आयोजन

  • 2 सितंबर सुबह 9.30 श्रीचक्र पूजा, शाम 6.30 सुंदरकांड पाठ।
  • 3 सितंबर शाम 6 बजे 1100 लड्डुओं से भगवान का अभिषेक।
  • 5 सितंबर सुबह 8.30 नवग्रह अभिषेक, शाम 5.30 मणिव्दीप पूजा, 7 बजे हवन।
  • 7 सितंबर श्री गणपति कल्याणम्, रात्रि 8 बजे महाआरती।
  • 9 सितंबर शाम 6.30 सुंदरकांड पाठ, रात्रि 8 बजे महाआरती व प्रसाद।
  • 10 सितंबर सुबह पंचामृत अभिषेक, शाम 7.30 बजे 11 किलो लड्डू समर्पण, नीलामी।
  • 12 सितंबर शाम 6 बजे अखंड सौभाग्य के लिए महालक्ष्मी पूजा।
  • 13 सितंबर शाम 5 बजे महिलाओं द्वारा बालाजी भजन।
  • 14 सितंबर शाम 6 बजे महिलाओं द्वारा सर्वदेवता भजन।

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