राहुल गांधी ने देखा ‘जल्लीकट्टू’, बोले: यह केंद्र के लिए संदेश

मदुरै, 14 जनवरी (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को तमिलनाडु के पारंपरिक खेल आयोजन ‘जल्लीकट्टू’ का साक्षी बनने के बाद कहा कि उनका यह दौरा केंद्र सरकार को संदेश देने के लिए था, जो तमिल संस्कृति को ‘दबाना’ चाहती है।

दूसरी तरफ, भाजपा ने इस आयोजन में राहुल गांधी के शामिल होने को ‘पाखंड’ करार दिया और कहा कि कांग्रेस ने पहले इस आयोजन पर प्रतिबंध का समर्थन किया था।

राहुल गांधी ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के मुद्दे को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार किसानों को बर्बाद करने की साजिश कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी रहेगी।

पोंगल के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ द्रमुक की युवा इकाई के सचिव उदयनिधि स्टालिन, कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के एस अलागिरी और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी भी मौजूद थे।

‘जल्लीकट्टू’ तमिलनाडु के ग्रामीण इलाक़ों का एक परंपरागत खेल है, जो पोंगल त्योहार पर आयोजित किया जाता है। इसमें लोग बैलों को पकड़ने एवं उन्हें काबू में करने की कोशिश करते हैं।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैं दिल्ली से यहां एक बहुत ही लोकप्रिय आयोजन देखने आया, क्योंकि मैं मानता हूं कि तमिल संस्कृति, तमिल भाषा और तमिल इतिहास भारत के भविष्य के लिए जरूरी है तथा इनका सम्मान करने की जरूरत है।’’

उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘मैं यहां उन लोगों को संदेश देने आया हूं, जो सोचते हैं कि वे तमिल लोगों के साथ बुरा बर्ताव कर सकते हैं और तमिल भाषा एवं तमिल संस्कृति को अलग-थलग रख सकते हैं।’’

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘मुझे तमिलनाडु के लोगों से बहुत सारा प्यार और स्नेह मिला है। यह मेरा कर्तव्य है कि मैं तमिल लोगों के साथ खड़ा रहूं और उनके इतिहास, संस्कृति और भाषा का सम्मान करूं।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘देश में कई भाषाएं, विचार हैं और ये सब हमारी शक्ति में योगदान देते हैं। यही मेरा संदेश है।’’

कांग्रेस नेता ने जल्लीकट्टू के व्यवस्थित और सुरक्षित आयोजन की सराहना करते हुए कहा, ‘‘तमिल संस्कृति और इतिहास को जीवंत स्परूप में देखना बहुत ही बेहतरीन अनुभव रहा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कई लोगों ने मुझसे कहा था कि जल्लीकट्टू बैलों के लिए नुकसानदेह है। मैंने आज देखा और यह कहना चाहता हूं कि यह जिस तरह से आयोजित किया गया था, उसमें बैलों के चोटिल होने कोई गुंजाइश नहीं थी। अगर कोई चोटिल हो सकता था तो वो जल्लीकट्टू कर रहे युवा हो सकते थे।’’

दूसरी तरफ, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और तमिलनाडु प्रभारी सीटी रवि ने आरोप लगाया कि जल्लीकट्टू पर अपने ‘पाखंड’ से राहुल गांधी तमिल लोगों का अपमान कर रहे हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘प्रिय राहुल गांधी, आपकी सरकार ने 2011 में जल्लीकट्टू को निर्मम और बर्बर बताया था। आपकी पार्टी के घोषणापत्र में जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध का समर्थन किया गया था। आज आप इस पारंपरिक खेल आयोजन को देख रहे हैं। क्या आप अपने इस पाखंड से तमिल लोगों का अपमान नहीं कर रहे हैं?

राहुल गांधी ने थेनपलांजी गांव में पोंगल मनाया और गांव वालों के साथ पांरपरिक अंदाज में भोजन किया। उन्होंने वहां बुजुर्ग लोगों से बात की और युवाओं के साथ तस्वीरें खिंचवाईं।

इस साल अप्रैल-मई में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में द्रमुक और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना है।

भाषा हक हक दिलीप

दिलीप

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